DNN नाहन
29 अप्रैल। हिमाचल प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एवं पांवटा साहिब के विधायक सुखराम चौधरी ने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद अब जिला सिरमौर के गिरीपार क्षेत्र को जनजातिया दर्जा देने की मांग का मार्ग प्रशस्त हुआ है और जल्द ही आने वाले समय में करीब 3 लाख हातियों को बड़ा लाभ मिलने वाला है। यह बात ऊर्जा मंत्री ने जिला मुख्यालय नाहन में कहीं। इसके लिए ऊर्जा मंत्री ने केंद्र सरकार सहित प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का आभार भी व्यक्त किया है।
मीडिया से बात करते हुए प्रदेश के ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का जिला सिरमौर के लोगों की तरफ से कोटि-कोटि आभार व्यक्त किया है, क्योंकि वर्षों पुरानी जनजातिये दर्जे की मांग का अब मार्ग प्रशस्त हो गया है और जिला सिरमौर के लोगों को इससे बड़ा लाभ होने वाला है। उन्होंने बताया कि इससे पूरे शिलाई विधानसभा क्षेत्र, 70 प्रतिशत रेणुका विधानसभा क्षेत्र, करीब 50 प्रतिशत पच्छाद विधानसभा क्षेत्र व लगभग 10 प्रतिशत पांवटा साहिब विधानसभा क्षेत्र के लोगों को बड़ा लाभ पहुंचेगा। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि जिला सिरमौर के साथ लगते जौनसार बाबर को जनजातिये दर्जा देने की मांग 1967 में पूरी हो गई थी, लेकिन जिला सिरमौर के गिरीपार क्षेत्र की उक्त मांग के पूरा न होने के कई कारण भी रहे। ऐसे में भाजपा सरकार ने इस मांग को लेकर काफी अथक प्रयास किए। शिमला संसदीय क्षेत्र के सांसद द्वारा लगातार मामला संसद में उठाया गया। हम सभी नर मिलकर केंद्र सरकार से भी समय-समय पर यह मांग उठाई। इसी का नतीजा है कि आज गिरीपार क्षेत्र को जनजातिया दर्जा देने का मार्ग प्रशस्त हो गया है, जिसे बहुत जल्द अमलीजामा पहनाया जाएगा। लिहाजा वह जिलावासियों की तरफ से केंद्र व प्रदेश सरकार का बहुत-बहुत आभार प्रकट करते है। सुखराम चौधरी, ऊर्जा मंत्री बता दें कि हाल ही में आरजीआई ने गिरीपार क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही मांग को लेकर संबंधित रिपोर्ट पर सकारात्मक जवाब दिया है और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी दिल्ली में मिलने गए हाटी समिति सहित जिला के भाजपा नेताओं को आश्वासन दिया है कि जल्द ही हाटी समुदाय की मांग को पूरा किया जाएगा, जिसके लिए सरकार प्रयासरत है।















