DNN मंडी
18 नवम्बर। बल्ह बचाओ किसान संघर्ष समिति की बैठक, जोगिन्दर वालिया की अध्यक्षता में हुई तथा सर्व सम्मति से प्रेम दास चौधरी को कार्यकारी अध्यक्ष चुना गया। बल्ह बचाओ किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष जोगिंदर वालिया तथा सचिव,नन्द लाल वर्मा ने कहा कि बल्ह में प्रस्तावित हवाई अड्डा विकास की बैठक में एक नया संसोधित 3150 मीटर लम्बा मास्टर प्लान जिसके अनुसार अब हवाई पट्टी का रनवे 1050 मीटर उत्तर की तरफ बढ़ा दिया गया। बल्ह को बर्बाद करने के लिए केंद्र सरकार से बितपोषण हेतु गुहार बीते वर्ष भी लगाई और अब वित मंत्री से 3000 करोड़ रुपए का सागुफा वर्ष 2022-23 के लिए मुख्यमंत्री ने हवाई अड्डे के लिए छोड़ा।बल्ह में प्रस्तावित हवाई अड्डे से 3000 बीघा भूमि मलकीयत तथा 450 बीघा सरकारी भूमि 12000 हजार किसान बर्बाद करने पर हिमाचल सरकार अड़ी हुई है जिसे कदापि सहन नहीं किया जा सकता।
क्योंकि केंद्र सरकार पहले से ही अपने सार्वजनिक उपक्रमों को निजी हाथो में बेच रही है, ज्यादातर विमान व हवाई अड्डे पहले ही अदानी को बेच चुकी है और राज्य सरकार मार्च 2022 तक धर्मशाला हवाई अड्डे को भी निजी हाथो को देने जा रही, संघर्ष समिति को अंदेशा है कि जयराम सरकार मिलीभगत से बल्ह की उपजाऊ जमीन में एयरपोर्ट का एकतरफा फैसला लेकर जल्दी ही कोडियों के भाव जमीन लेकर इन्वेस्टर मीट के बहाने अदानी को सोंपना चाहती हैI सरकार से पूछना चाहते है बल्ह की उपजाऊ भूमि में ही हवाई अड्डे का निर्माण क्यों किया जा रहा है, और क्या हवाई अड्डा गेर उपजाऊ जमीन पर नहीं बनाया जा सकता तथा आजतक केंद्र सरकार ने हवाई अड्डे गेर उपजाऊ जमीन पर ही बनाये है।बल्ह बचाओ किसान संघर्ष समिति की बैठक में निर्णय लिया गया कि 26 नवम्बर,2021 को किसान विरोधी नीतियों एवं हवाई अड्डे के खिलाफ जिलाधीश के माध्यम से मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश,प्रधानमंत्री भारत सरकार को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत),भारतीय किसान संघ तथा किसान सभा के साथ सौंपेंगे।बैठक में परस राम,जोगिंदर वालिया,प्रेम दास चौधरी, बलवंत सैनी,भवानी सिंह,हरी राम,नन्द लाल,अमर सिंह वालिया,श्याम लाल चौधरी,कैप्टन प्रेम दास, जय राम सैनी,विजय कुमार,भागीरथ,महेंद्रपाल,गोविंद राम,रमेश,विनोद, पना लाल,मनी राम, सायरू राम शामिल हुए।















