डीएनएन बददी
फोरलेन की आड़ में नेशनल हाईवे ऑथारिटी से क्लेम हड़पने की साजिश की जा रही थी, लेकिन इसकी भनक लगते ही टीसीपी सक्रिय हो गया। लोगों को इसकी भनक लगने के बाद मामले की शिकायत बीबीएनडीए और टीसीपी विभाग को की। क्योंकि जिन साईटों पर यह निर्माण किया जा रहा था वह तीनो साईटें फोरलेन की जद में आ रही थीं। जिन पर भाजपा नेता ने गैरकानूनी तरीके से टीपीसी की मंजूरी लिए बिना रातो रात अवैध निर्माण कर दिया। जिसके पीछे मकसद था कि फोरलेन और एनएच आथॉरिटी से कंस्ट्रक्शन पर क्लेम मिल सके।
जनता ने विभाग को भेजे फोटोग्राफ व वीडियो
किरपालपुर, नालका और खेड़ा में तीनों साईटों पर चल रहे अवैध निर्माण के खेल को जनता समझ गई थी। जिसके चलते बीबीएनडीए और टीसीपी विभाग को लोगों ने साईट के फोटोग्राफ और वीडियो भेज कर साफ किया कि यह निर्माण बिना किसी मंजूरी नियमों को ताक पर रखकर सिर्फ क्लेम हड़पने के लिए किया जा रहा है। जिस पर टीसीपी विभाग तुरंत हरकत में आया और विभाग ने तीनो साईटों का मुआयना किया। जिसके बाद विभाग ने सेक्शन 15-ए, 16, सेक्शन 28, 29, 30 टाऊन एंड कंट्री प्लानिंग एक्ट 1977 के तहत नोटिस जारी कर दिए। वहीं जबाब न देने की स्थिति में विभाग ने इन तीनो साईटों पर हुए अवैध निर्माण को डिस्मेंटल करने की तैयारी भी कर ली है।
बीबीएनडीए के सीईओ केसी चमन ने बताया कि विभाग ने अवैध निर्माण पर हसंराज, अमित व नीलम को नोटिस जारी कर जबाब मांगा है। यह निर्माण बिना टीसीपी की मंजूरी के किया गया है जिसे विभाग जल्द डिस्मेंटल करेगा। विभाग ने मामले को लेकर एसडीएम नालागढ़, एनएच ऑथारिटी व डायरेक्टर एनएच को भी इस संबंध में पत्र जारी किया है ताकि ऐसे लोगों को क्लेम न मिल सके। बीबीएनडीए ने यह भी मांग उठाई है कि एक ज्वाइंट कमेटी बनाकर एनएच की वीडियोग्राफी की जाए ताकि जो लोग असल मे क्लेम के हकदार हैं उन्हें ही क्लेम मिल सके। लोगों की शिकायत के बाद विभाग ने तुरंत कार्रवाई अमल में लाकर कंस्ट्रक्शन के काम को रोक दिया है।















