DNN शिमला
कोरोना का कहर अभी थमा नहीं है कि अब स्क्रब टायफस ने प्रदेश में दस्तक दे दी है। आईजीएसी शिमला में स्क्रब टायफस के 4 मामले पाए गए हैं। आईजीएमसी में स्क्रब टायफस जांच के लिए 84 सैंपल लिए गए थे जिसमें से 4 की रिपोर्ट में स्क्रब टायफस की पुष्टि हुई है। बता दें कि बरसात में यह फैलता है।
IGMC के मुख्य चिकित्सक डॉ जनक राज ने कहां की यह बीमारी हर वर्ष ग्रामीण पृष्ठभूमि के लोगों में अधिकतर देखने को मिलती है जो कि खेतों में काम करते हैं स्क्रब टायफस एक जीवाणु रिकेटशिया से संक्रमित पिस्सू के काटने से फैलता है। जो चमड़ी के माध्यम से मनुष्य के शरीर में प्रवेश करता है और स्क्रब टायफस का बुखार पैदा करता है। इससे तेज बुखार, जोड़ों में दर्द, कंपकंपी के साथ बुखार आना, शरीर में अकड़न या शरीर टूटना, गिल्टियां होना इसके लक्षण हैं।















