डीएनएन अर्की (आशीष गुप्ता)
अर्की के गंभर खड्ड से उठाऊ पेयजल योजना क्या नई सरकार में बनकर चालू होगी। यह बड़ा सवाल इस योजना के धीमी गति से हो रहे निर्माण के बाद पैदा होने लगे है। योजना को 2 साल में बनकर तैयार करने का लक्ष्य खा गया था, लेकिन पिछले 5 सालों में भी यह योजना बन नहीं सकी। अब अर्की के लोगों की नजर नई सरकार पर टिकी है।
करोड़ों रुपए की लागत से बनने वाली इस उठाऊ पेयजल योजना से अर्की क्षेत्र के करीब 250 गांव के लोगों की प्यास बुझनी थी, लेकिन साढ़े पांच वर्ष बीत जाने के बाद भी यह योजना अभी भी सुचारू रूप से नहीं चल पाई है।
तो यह योजना के लटने का कारण
इसके लिए सरकार के साथ लोगों द्वारा लगाई गई आपत्ति भी इसका कारण है। इस योजना को छह जोनों में बांटा गया है, जिसमें से केवल एक जोन कुनिहार में ही इस योजना का फायदा लोगों को मिल रहा है। इस योजना के कछुआ चाल से चलने के कारण लोगों को कई दिनों बाद पानी मिल रहा है, जिसके चलते लोगों को प्राकृतिक जल स्त्रोत या सड़क किनारे बने हैडपम्प से पानी लाना पड़ रहा है।
धूमल सरकार ने किया था शिलान्यास
उठाऊ पेयजल योजना का शिलान्यास 29 जून 2012 को तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने किया था। इस योजना का काम अवॉर्ड करने में एक साल का समय लगा जबकि यह काम दो साल के बजाय तीन साल में पूरा हो जाना चाहिए था।
यह योजना छह जोनों में विभाजित
इस योजना को छह जोनों में विभाजित किया गया है। योजना के तहत अर्की, कुनिहार, डूमैहर, बलेरा, दाड़लाघाट व कश्लोग में बांटा गया है। इस योजना के तहत पानी गंभर खड्ड से विभाग द्वारा पहले से ही निर्मित पानी के टैंको में डाला जाना है।
28.80 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत
2029 की परिस्थितियों व आबादी को देखते हुए इस योजना पर 28.80 करोड़ रुपए की अनुमानित राशि खर्च होनी है। 38 हजार लोगों को पानी मुहैया करवाने के लिए व जहां पर पानी की किल्लत रहती है या जहां प्राकृतिक जल स्त्रोत लुप्त होने की कगार पर है उनके लिए यह योजना शुरू की गई है।
रत्न पाल ने मांगी स्टेटस रिपोर्ट
इस योजना के धीमी गति से निर्माण को लेकर अर्की से भाजपा के प्रत्याशी रहे रतन पाल ने आईपीएस विभाग के अधिकारियों से योजना को लेकर स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। रतन पाल ने बताया कि इस रिपोर्ट को लेकर वे सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात करेंगे और इसको लेकर बातचीत करके योजना को जल्द चालू करवाने के लिए कार्य करेंगे।
क्या कहना है अधिशाषी अभियंता का
आईपीएच के अधिशाषी अभियंता जोगिंद्र सिंह चौहान ने बताया कि लोगों की कई आपत्तियों के कारण पाइप लाइन बिछाने में देरी हुई है, लेकिन मुख्यालय में पाइप लाईन बिछा दी गयी है और टेस्टिंग का कार्य भी लगभग पूरा को चुका है, जल्द ही इस योजना को चला दिया जाएगा।















