हिमाचल प्रदेश की देश के सबसे समृद्ध और प्रगतिशील राज्यों में गिनती

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 DNN मंडी 
15 अप्रैल। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज जिला मण्डी के द्रंग विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पद्धर में आयोजित राज्यस्तरीय हिमाचल दिवस कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उन्होंने पुलिस और गृह रक्षा के जवानों की टुकड़ियों द्वारा प्रस्तुत मार्चपास्ट की सलामी ली और तिरंगे का अनावरण किया। परेड का नेतृत्व डीएसपी प्रणव चैहान ने किया। मुख्यमंत्री ने पद्धर में आयोजित स्वर्णिम हिमाचल दिवस के कार्यक्रम के अवसर पर प्रदेश के सभी पुलिस थानों में स्थापित महिला हैल्प डैस्क के लिए 136 टू-व्हीलर्ज को भी हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इस शुभ अवसर पर प्रदेश के लोगों को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता सैनानियों और महान धरती पुत्रों को श्रद्धांजलि अर्पित की जिन्होंने हिमाचल प्रदेश को एक अलग पहचान दिलाने के लिए कड़ी मेहनत की। उन्होंने प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री डा. यशवंत सिंह परमार को भी स्मरण किया जिन्होंने हिमाचल प्रदेश को विशेष दर्जा दिलाने के लिए आंदोलन को बड़ी दिशा दिखाई। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने अस्तित्व में आने के उपरान्त शून्य से अपनी विकास यात्रा आरम्भ की। उस समय प्रदेश की शिक्षा दर केवल 4.8 प्रतिशत थी, यहां केवल 88 स्वास्थ्य संस्थान, 288 किलोमीटर सड़कें और केवल कुछ गांवों में पेयजल सुविधा उपलब्ध थी। उस समय विद्युत सुविधा भी केवल छः गांवों तक ही सीमित थी और प्रति व्यक्ति आय मात्र 240 रुपये थी। हिमाचल प्रदेश को देश के सबसे समृद्ध और प्रगतिशील राज्यों में आंका जाता है। आज यहां 38,470 किलोमीटर सड़कों का जाल बिछने से राज्य के 14,010 गांवों और 99 प्रतिशत पंचायतों में सड़क सुविधा उपलब्ध करवा दी गई है जबकि शेष पंचायतों को जल्द ही सड़क सुविधा प्रदान कर दी जाएगी।
छोटा प्रदेश होने के बाद भी बड़े राज्यों का किया मार्गदर्शन 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने छोटा राज्य होने के बावजूद देश के बड़े राज्यों का मार्गदर्शन किया है, जिसका श्रेय प्रदेश के प्रत्येक व्यक्ति को जाता है। वर्तमान प्रदेश सरकार ने सत्ता में आने के उपरान्त मंत्रिमण्डल की पहली बैठक में ही वृद्धावस्था पेंशन पाने की आयु को बिना किसी आय सीमा केे 80 वर्ष से घटाकर 70 वर्ष किया, जिससे प्रदेश के लाखों वृद्धजन लाभान्वित हुए। प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा पेंशन पर अब तक 642.58 करोड़ रुपये की राशि व्यय की जा चुकी है और सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 1,63,607 नए मामलें स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों को घर-द्वार के निकट उनकी समस्याओं के समधान प्रदान करने में जनमंच कार्यक्रम वरदान साबित हो रहा है। अब तक प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में लोगांे के साथ सम्पर्क स्थापित करने और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान प्रदान करने के लिए 200 जनमंच काय्र्रक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन-1100 के माध्यम से अब तक 1,51,83 शिकायतें मिली हैं जिनमें से 1 लाख 20 हजार शिकायतों का निवारण कर दिया गया है। जय राम ठाकुर ने कहा कि केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अन्तर्गत प्रदेश मे अब तक 21.76 करोड़ रुपये व्यय कर 1.36 लाख परिवारों को निःशुल्क गैस कनेक्शन वितरित किए गए हैं। प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना के अन्तर्गत 2.91 महिलाओं को निःशुल्क गैस कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। हिमाचल प्रदेश को दिसम्बर, 2019 में धुंआरहित राज्य घोषित कर दिया गया और इस लक्ष्य को प्राप्त करने वाला यह देश का पहला राज्य है।
आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत प्रदेश के 3.34 लाख परिवारों को प्रदान किए गोल्डन कार्ड
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत प्रदेश के 3.34 लाख परिवारों को गोल्डन कार्ड प्रदान किए गए हैं। इस योजना के अन्तर्गत अब तक 77,549 लाभार्थियों को लगभग 81 करोड़ रुपये की निःशुल्क उपचार की सुविधा प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य के उन लोगों के लिए हिमकेयर योजना शुरू की है जो आयुष्मान भारत योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। इस योजना के अन्तर्गत 4.61 लाख परिवारों को पंजीकृत किया गया है और अब तक 1.25 लाख लाभार्थियों को 129.27 करोड़ रुपये की निःशुल्क स्वास्थ्य उपचार सुविधा प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि गम्भीर बीमारी से ग्रसित गरीब परिवारों को सहारा योजना के अन्तर्गत 3000 रुपये की प्रति माह की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इस योजना से अब तक 11,187 लाभार्थियों को 13 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।
ग्लोबल इन्वेस्टर्ज मीट का में 96,721 करोड़ रुपये के लगभग 703 समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी युवाओं को सरकारी क्षेत्र में रोजगार प्रदान करना सम्भव नहीं है इसलिए प्रदेश सरकार ने राज्य के 18 से 45 वर्ष की आयु के युवाओं के लिए मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना शुरू की है। उन्होंने कहा कि 60 लाख रुपये तक की परियोजनाओं के लिए युवाओं को 25 प्रतिशत अनुदान जबकि विधवाओं 35 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जा रहा है। प्रदेश में 2700 इकाइयां स्थापित की गई हैं जिनके अन्तर्गत 8500 व्यक्तियों को रोजगार और 70 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया है। प्रदेश के विकास में निजी क्षेत्रों की भागेदारी सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने 7 व 8 नवम्बर, 2019 को धर्मशाला में ग्लोबल इन्वेस्टर्ज मीट का आयोजन किया जिसमें 96,721 करोड़ रुपये के लगभग 703 समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किए गए। 13,656 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का पहला ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह आयोजित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत प्रदेश में 4,417 भवनों का निर्माण किया गया है जिस पर लगभग 60 करोड़ रुपये व्यय किए गए। प्रदेश में इस वर्ष विभिन्न आवासीय योजनाओं के अन्तर्गत लगभग 12000 नए भवनों का निर्माण किया जाएगा।
विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें वितरित करने वाला देश का पहला राज्य हिमाचल 
जय राम ठाकुर ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रर्दशन के लिए प्रदेश को विभिन्न राष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा गया है। वार्षिक स्टेट्स आॅफ एजुकेशन रिपोर्ट 2017-18 में प्रदेश को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ और वर्ष 2019 में इण्डिया टुडे के सर्वेक्षण में बेस्ट परफोर्मिंग स्टेट आवार्ड से सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश पहली से आठवीं कक्षाओं तक के सभी विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें वितरित करने वाला देश का पहला राज्य है।
सक्रिय केस-फाइंडिंग अभियान के तहत 70 लाख लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी
जय राम ठाकुर ने कहा कि पूरी दुनिया कोविड-19 से पीड़ित है और हमारा राज्य भी कोई अपवाद नहीं है। इस महामारी की चुनौतियों के बावजूद लोगों के समर्थन से सरकार ने बुनियादी सुविधाओं को सुचारू रूप से विनियमित करके राज्य की अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया। सक्रिय केस-फाइंडिंग अभियान के तहत 70 लाख लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी उनके घर-द्वार पर एकत्रित की गई है। उन्होंने राज्य के लोगों से इस वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए राज्य सरकार की मदद के लिए आगे आने का आग्रह करते हुए कहा कि लोग सरकार के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें। उन्होंने लोगों से भी आग्रह किया कि वे दवाई भी-कड़ाई भी के मंत्र के साथ टीकाकरण अभियान में शामिल हों।

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