डीएनएन धर्मशाला
सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य की आर्थिक व्यवस्था खराब है और भारी कर्ज राज्य पर है। उन्होंने कहा कि इस कर्ज से राज्य को जल्द बाहर निकलना आसान नहीं है। ऐसे में उनकी सरकार केंद्र से भी खुली मदद को जो रास्ते निकलेंगे। उनका कहना था कि निगम और बोर्ड में जायज नियुक्ति होगी और अनावश्यक बोझ सरकार पर नहीं डाला जाएगा।
ठाकुर ने लोगों का आह्वान किया है कि वे उनसे मिलने के लिए फूलों के बुके लेकर न आएं। वे एक फूल ही लाएं तो बेहतर होगा। उनका कहना है कि बुके और शाल टोपी पर किए जाने वाले खर्च को वे बचाएं और इस राशि को सीएम रीलिफ फंड में दें। इससे न केवल उनके पैसे का सदुपयोग होगा, बल्कि किसी गरीब की भी मदद होगी। उन्होंने कहा कि उन्हें प्यार दिल से चाहिए, न कि दिखावे के फूलों के बुके से। इसके लिए उन्हें एक फूल ही बहुत है।
आज यहां तपोवन में प्रेस कांफ्रेंस में सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि उन्होंने आज अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों से भी इस संबंध में चर्चा की थी और उन्होंने अपे वेतन से एक-एक लाख रूपए सीएम रीलिफ फंड में देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि वे विधायक दल की बैठक में विधायकों से भी इस संबंध में बात करेंगे। उनका कहना था कि सीएम रीलिफ फंड में पैसा न के बराबर है और इसलिए फूलों के गुलदस्तों पर बेकार में पैसा न बहाया जाए। उन्होंने पांव छूने की परंपरा को भी रोकने की बात कही। उन्होंने कहा कि उम्र के लिहाज से यह ठीक है, लेकिन उनकी उम्र इतनी नहीं हुई कि उनके पैर छूए जाएं। उनका कहना था कि कुछ लोगों को इसकी आदत है, लेकिन इस परंपरा को रोकना होगा।
ठाकुर ने कहा कि मुझे इस बात की खुशी है कि हिमाचल की जनता ने बीजेपी को भारी जनादेश दिया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए वे राज्य की जनता के आभारी हैं। उनका कहना था कि हिमाचल के इतिहास में पहली बार ऐसा संभव हुआ कि देश के पीएम शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, 11 राज्यों के सीएम और केंद्र के वरिष्ठ मंत्री शामिल हुए। उन्होंने कहा कि एक संतुलित मंत्रिमंडल देने की कोशिश की। इसमें नयापन भी है और अनुभवी लोग भी हैं। साथ ही नए लोग भी इसमें लिये हैं।
ठाकुर ने कहा कि आज से विधानसभा का सत्र शुरू हुआ है और चार दिन का सत्र यहां चलेगा। उन्होंने कहा कि इसमें विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष का चुनाव और राज्यपाल का अभिभाषण होगा। उन्होंने कहा कि नई सरकार के बनने के बाद पीढ़ी का भी परिवर्तन हुआ है। चाहे वह बीजेपी की बात हो या फिर विपक्षी कांग्रेस कि बात हो।
सीएम ने कहा कि उनकी सरकार किसी भी प्रकार की जल्दबाजी में नहीं है। उनका कहना था कि थोड़ा समय दें, वे सभी मामलों को देखेंगे। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार द्वारा राजनीतिक आधार पर लिए गए सभी मामले सरकार वापस लेगी। इसमें चाहे एचपीसीए का मामला हो या कोई और, जो राजनीतिक आधार पर बने होंगे, वे वापस लिए जाएंगे। बाकी मामलों पर कानून अपना काम करेगा।
ठाकुर ने कहा कि सरकारी स्तर पर होने वाली हर भर्ती में पूरी पारदर्शिता होगी। उन्होंने अफसरों से कहा कि वे पूरी पारदर्शिता बनाए रखें और इसमें किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। उनका कहना था कि राज्य में पर्यटन बहुत बड़ा उद्योग है और इसे बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा और इसके लिए केंद्र से हर संभव मदद ली जाएगी। उनका कहना था कि एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ाया जाएगा और कनेक्टिविटी का विस्तार किया जाएगा।















