DNN सोलन ब्यूरो (आदित्य सोफत)
27 जनवरी। कालका-शिमला नेशनल हाई-वे पांच के किनारे फेंके पाए गए मृत मुर्गों में बर्ड फ्लू के लक्षण पाए जाने के बाद पशु पालन विभाग ने पांच किलोमीटर के दायरे से पक्षियों व कुक्कुट की सैम्पलिंग करनी शुरू कर दी है। पशु पालन विभाग ने यह सैम्पलिंग बीते दिनों से शुरू कर दी है और जांच के लिए यह सैम्पल जालंधर लैब में भेजे गए है। रिपोेर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
बता दें कि कालका-शिमला नेशनल हाई-वे पांच के किनारे लगातार चार दिन मृत मुर्गे फेंके पाए गए थे। हाई-वे किनारे पहले दिन चक्कीमोड़, दूसरे दिन जाबली के समीप, तीसरे दिन कुमारहट्टी बायपास पर बनी के कुमारहट्टी पोर्टल के समीप व चौथे दिन सनवारा के समीप लगभग 1,000 से अधिक मृत मुर्गे पाए गए थे। इनके मिलने से क्षेत्र में दहशत फेल गए थी और लोग घबरा गए थे। चारों दिन पशु पालन विभाग की टीम द्वारा अलग-अलग जगहों से पांच-पांच रैंडम सैम्पल भरे थे। इन्हे जांच के लिए जान्दर भेजा गया था। जालंधर लैब में भेजे गए इन सेम्पलों की रिपोेर्ट संदेहास्पद आने के कारण भोपाल लैब में भेजा गया था। जहां की रिपोेर्ट के अनुसार इनमे बर्ड फ्लू के लक्षण की पुष्टि हुई थी। इसके बाद सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए अंडा, कुक्कुट पर प्रतिबंध लगाया था। साथ ही जाबली, चक्कीमोड़, टनल के कुमारहट्टी पोर्टल व सनवारा के समीप पांच किलोमीटर के दायरे से पशु पालन विभाग की टीम ने पक्षियों व कुक्कूट के सैम्पल लेकर जांच के लिए भेजे है।
पशुपालन विभाग के उपनिदेशक भारत भूषण गुप्ता का कहना है कि हाई-वे किनारे मृत पाए गए मुर्गों की रिपोेर्ट आने के बाद उस क्षेत्र के पांच किलोमीटर के क्षेत्र से एहतिहात के तौर पर सैम्पलिंग की जा रही है। यह सैम्पल जांच के लिए जालंधर लैब में भेजे गए है।
पुलिस में है मामला दर्ज
हाई-वे किनारे मृत मुर्गे कौन फेंक गया था। इस बात पर अभी भी संशय बरकरार है। बता दें कि इस मामले में पशु पालन विभाग ने मामला भी दर्ज करवाया है और परवाणू व धर्मंपुर पुलिस इस मामले में कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने प्राथमिक जांच में हाई-वे पर लगे कैमरों को भी खंगाला है।















