राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने विरासत मामलें (समाधान) 2019 के तहत कंपनी से वसूलें 5.49 करोड़ रुपए

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DNN सोलन ब्यूरो (आदित्य सोफत)

15 जनवरी। राज्य कर एवं आबकारी विभाग सोलन को विरासत मामलें (समाधान) 2019 के तहत एक बड़ी सफलता मिली है। विभाग ने परवाणू स्थित डाबर इंडिया कंपनी से कर एवं समाधान शुल्क के रूप में 5.49 करोड़ रुपए वसूल किए हैं।
यह जानकारी राज्य कर एवं आबकारी उपायुक्त सोलन हिमांशु ने दी है। उन्होंने बताया कि परवाणू स्थित डाबर कंपनी से कर एवं समाधान शुल्क के तहत 5.49 करोड़ रुपए की राशि वसूल की गई है।
साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि सरकार द्वारा वर्ष 2019 में शुरू की गई हिमाचल प्रदेश विरासत मामले (समाधान) योजना के तहत विभाग अभी तक 210 मामलों में 35.76 करोड़ रुपए वसूल चुका है, जो प्रदेश में सबसे अधिक है। विभाग ने परवाणू में ही एक कंपनी से 27.85 करोड़ रुपए की इस योजना के तहत ही वसूली की है जो इस योजना के तहत एक कंपनी से वसूल की गई सबसे अधिक राशि है।

उधर, विभाग से मिली जानकारी के अनुसार ने डाबर कंपनी माननीय हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में हिमाचल प्रदेश प्रवेश कर अधिनियम 2010 के तहत प्रदेश के प्रवेश द्वार पर माल के एंट्री टैक्स के खिलाफ वर्ष 2010-11 में याचिका दायर की थी। कंपनी का कहना था कि यह टैक्स उनका नहीं बनता। कंपनी ने वर्ष 1 फरवरी, 2011 से 31 मार्च, 2012 तक 5 करोड़ रुपए बैंक गारंटी के रुपए जमा करवाए हुए थे।

उन्होंने बताया कि कंपनी के अधिकारियों ने माननीय उच्च न्यायालय में दायर याचिका को वापस लेने के लिए विभाग से संपर्क किया। फिर विभाग ने हिमाचल प्रदेश विरासत मामले (समाधान) योजना 2019 के तहत कर की बकाया राशि को 10 फीसदी समाधान करने के साथ वसूल किया। सरकार द्वारा पुराने बकाया और लंबित मूल्यांकन मामले जैसे एचपी वैट अधिनियम 2005, केन्द्रीय बिक्री कर अधिनियम 1956, विलासकर 1975 व प्रवेश कर अधिनियम 2010 के तहत लंबित मामलों के निपटान हेतु अमल में लाया गया है।

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