DNN कुल्लू
6 जनवरी। कोविड-19 वैक्सीनेशन के लिए जिला में तैयारियों को अंजाम दिया जा रहा है। पहले चरण में 4206 स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण किया जाएगा। इन कोरोना योद्धाओं स्वास्थ्य कार्यकर्ता, चिकित्सक, पैरा मेडिकल स्टाॅफ, आयुर्वेद विभाग के चिकित्सक व स्टाफ, आशा व आंगनवाडी कार्यकर्ताओं सहित 108 व 102 एम्बुलेंस के कर्मी, आउटसोर्स व सफाई कर्मी शामिल हैं। पुलिस कर्मियों को भी पहले चरण में सम्मिलित करने के प्रयास किए जाएंगे। यह जानकारी उपायुक्त डाॅ. ऋचा वर्मा ने जिला टाॅस्क फोर्स बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। ऋचा वर्मा ने कहा कि जिला में सभी चिकित्सा खण्डों में कुल 40 टीमों का गठन किया गया है। इनमें आनी खण्ड में आठ, बंजार में सात, निमरण्ड में चार, नग्गर में नौ, जरी में छः, नगर परिषद क्षेत्र कुल्लू में दो तथा निजी संस्थानांे में चार टीमें शामिल हैं। टीकाकरण का कार्य जिला के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, नागरिक अस्पतालों व स्वास्थ्य उपकेन्द्रों के अलावा जरूरत पड़ने पर स्कूलों में किया जाएगा। इसी प्रकार, जिला के नागरिक अस्पतालों व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में कुल 19 कोल्ड चेन स्थल बनाए गए हैं। सभी आवश्यक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए इन स्थलों का स्वास्थ्य विभाग द्वारा बारीकी के साथ निरीक्षण किया जा चुका है। उपायुक्त ने कहा कि प्रत्येक टीम में पांच कर्मचारी/सदस्य होंगे जो संबंधित स्थल पर वैक्सीनेशन को अंजाम देंगे। इनमें पहला कर्मी वैक्सीनेटर होगा, दूसरा ऑनलाईन प्रविष्टियों का सत्यापन करेगा, तीसरी सदस्या आशा होगी जो टीका लगने के बाद लाभार्थी में टीके से किसी प्रकार के रिएक्शन की निगरानी करेगी। चैथा सदस्य सुरक्षा गार्ड होगा जो व्यक्ति का ेटीका लगवाने के लिए अंदर प्रवेश करवाएगा। पांचवा सदस्य रिकार्ड में प्रविष्टियो सम्बंधी कार्य करेगा।
वैक्सीनेशन के लिए ऑनलाईन पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य
डाॅ. ऋचा वर्मा ने कहा कि कोविड-19 टीकाकरण के लिए ऑनलाईन पोर्टल पर लाभार्थी का पंजीकरण होना अनिवार्य है। दूसरे चरण में लगने वाले टीके के लिए संबंधित विभाग को कर्मचारियों का कोविड पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इसके लिए विभाग को स्वास्थ्य विभाग एक पासवर्ड उपलब्ध करवाएगा। केवल वही व्यक्ति वैक्सीनेशन के लिए निर्धारित स्थल पर जा सकता है जिसने पहले पंजीकरण करवाया हो। व्यक्ति को उसके मोबाईल पर वैक्सीनेशन के संबंध में संदेश आएगा जिसमें टीकाकरण की तिथि तथा स्थान का पूरा ब्यौरा होगा। टीका स्थल पर आकर व्यक्ति को अपना फोटो पहचान पत्र दिखाना होगा। यह पहचान पत्र वह अपने मोबाईल फोन में भी रख सकता है। इसी से पोर्टल में पंजीकरण की पुष्टि की जाएगी। पहचान पत्र उपलब्ध न करवाने की स्थिति में व्यक्ति को अगले चरण में टीकाकरण के लिए बुलाया जाएगा।उपायुक्त ने कहा कि कोविड-19 वैक्सीनेशन की दो डोज एक व्यक्ति को उपलब्ध करवाई जाएगी। दूसरा टीका 21 से 28 दिनों के अंतराल में लगेगा। इसके लिए व्यक्ति को मोबाईल पर संदेश आएगा।
खण्ड स्तरीय टास्क फोर्स की बैठकें आयोजित
डाॅ. ऋचा वर्मा ने बताया कि खण्ड स्तर पर गठित टास्क फोर्स की बैठकें संबंधित एसडीएम की अध्यक्षता में बीती पांच जनवरी तक आयोजित कर ली गई हैं। जिला से चार चिकित्सकों को कोविड-19 वैक्सीनेशन प्रक्रिया पर शिमला में प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। इन चिकित्सकों ने जिला में सभी टीमों को आगे यह प्रशिक्षण प्रदान किया। चार निजी अस्पतालों के कर्मियों को भी प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
जिला में टीकाकरण से पहले होगा ड्राई रन
उपायुक्त ने कहा कि जिला में कोरोना वैक्सीन को लेकर आगामी 8 व 11 जनवरी को विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में ड्राई रन किया जाएगा। जिला में निश्चित वैक्सीनेशन केन्द्रों में इस दौरान एक प्रकार की माॅक ड्रिल की जाएगी।
भ्रांतियां न फैलाएं लोग, वैक्सीन व्यक्ति को संजीवनी का काम करेगी
उपायुक्त ने कहा कि कोरोना वैक्सीन को लेकर लोग किसी प्रकार की भ्रांतियां न फैलाएं और न ही किसी के बहकावे में आए। देश में वैकसीन आना गौरव की बात है और कोविड के इस संकट में लोगों के लिए संजीवनी का काम करेगी। सबसे पहले स्वयं डाॅक्टर इस वैकसीन को लगवाने के लिए आगे आएं हैं। निश्चित तौर पर वैज्ञानिकों व डाॅक्टरों की यह बहुत बड़ी उपलब्धि है जो करोड़ों लोगों की जान बचाने में कारगर साबित होगी। उन्होंने इस संबंध में जिला के लोगों में जागरूकता उत्पन्न करने के लिए सभी विभागों, पंचायती राज संस्थानों व स्वयं सेवी संस्थाओं से आग्रह किया है।
सीएमओ ने मांगी मैन पावर
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. सुशील चन्द्र शर्मा ने कहा कि वैक्सीनेशन जैसे महत्वपूर्ण कार्य को सफल बनाने के लिए मानवशक्ति की आवश्यकता रहेगी। उन्होंने कहा कि गठित सभी 40 टीमों के साथ पुलिस अथवा होम गार्ड के जवान तैनात करना जरूरी है। इसी प्रकार, टीकाकरण के लिए आंगनवाडी कार्यकर्ता व अध्यापकों की तैनाती की आवश्यकता रहेगी। इसके अलावा उन्होंने वाहनों की भी मांग की। बैठक की कार्यवाही का संचालन करते हुए उन्होंने टीकाकरण को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा की। उपायुक्त ने टीकाकरण को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
जिला में हैं कुल 45 एक्टिव मामले
डाॅ. सुशील ने कहा कि जिला में वर्तमान में कोविड-19 के केवल 45 एक्टिव मामले हैं। जिला में कुल 4376 मामले सामने आएं, इनमें से 4247 स्वस्थ हो चुके हैं। 84 मौतें हुई हैं जिनमें दो नाॅन कोविड हैं। मंगलवार को 301 सैंपलों में केवल तीन पाॅजिटिव मामले सामने आए। उन्होंने कहा कि राहत की बात है कि पिछले दो सप्ताह से जिला में कोविड के कारण एक भी मौत नहीं हुई है। जिला कोविड केयर केन्द्र में मौजूदा समय में केवल 6 मरीज हैं। इस अस्पताल में 100 बिस्तरों की क्षमता है जहां सभी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं।
सेकेण्ड हैण्ड प्रदूषण से भी बचाता है मास्क
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि लोगों को मास्क को अपनी आदत बना लेना चाहिए। यह न केवल किसी भी प्रकार के वायरस के प्रवेश से बचाव करता है, बल्कि वातावरण में मौजूद सेकेन्ड हैण्ड प्रदूषण के दुष्प्रभावों से भी व्यक्ति को सुरक्षित रखता है। उन्होंने कहा कि वाहनों का धूंआ व धूल इत्यादि से व्यक्ति के फेफड़ों को भी सुरक्षित रखता है। उन्होंने कहा कि घर से बाहर हर समय मास्क का उपयोग करें। यह विभिन्न प्रकार के फ्लू से भी आपको सुरक्षित रखने में मदद करेगा। बैठक में क्षेत्रीय अस्पताल के चिकित्सकों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।














