DNN कुल्लू
6 दिसंबर। जिला स्तरीय सार्वजनिक वितरण प्रणाली तथा जिला स्तरीय सतर्कता समिति की प्रगति समीक्षा बैठक अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एस.के.पराशर की अध्यक्षता में उनके कार्यालय में आयोजित की गई जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
पराशर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में शेष बचे पात्र लाभार्थियों का चयन प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अधिनियम के अंतर्गत जिला में 2 लाख 34 हजार 926 लाभाथर््िायों के चयन का लक्ष्य रखा गया है जिसमें से ग्रामीण क्षेत्रों में 1 लाख 78 हजार 136 तथा शहरी क्षेत्रों में 6 हजार 763 लाभार्थियों का चयन किया जा चुका है। जिलो में 1 लाख 84 हजार 899 लाभार्थियों को डिजीटल राशन कार्ड जारी किए गए हैं। योजना के अंतर्गत जिला में माह नवम्बर , 2020 तक 2134 मीट्रिक टन चावल तथा 2807 मीट्रिक टन गेहूं आटा राशनकार्ड धारकों को वितरित किया गया है।
उन्होंने बताया कि कोरोना काल में लाॅकडाउन के दौरान भारत सरकार द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्नयोजना के तहत भी जिला में योजना के लाभाथर््िायों को माह जुलाई से माह नवम्बर तक 1751.036 मीट्रिक टन चावल, 2620.111 मीट्रिक टन गेहूं तथा 195 मीट्रिक टन काला चना निःशुल्क वितरित किया गया। इसके अतिरिक्त जिला में आईसीडीएस विभाग के माध्यम से पूरक पोषक कार्यक्रम के तहत 2965 बच्चों, 5039 गर्भवती महिलाओं तथा 9 हजार 334 महिलाओं को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत विभिन्न प्रकार के लाभ प्रदान कर लाभान्वित किया गया। मिड-डे मील कार्यक्रम के तहत स्कूली बच्चों को सम्बंधित नजदीकी डीपुओं के माध्यम से या स्कूल में बुलाकर एमडीएम का राशन उपलब्ध करवाया जा रहा है।
बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत जिला में लोगों को उपलब्ध करवाए जा रहे विभिन्न खाद्यान्नों तथा एलपीपीजी गैस आपूर्ति को लेकर भी प्रगति की समीक्षा की गई । एडीएम ने कहा कि जिला में पीडीएस के अंतर्गत जिला कुल्लू में माह जुलाई से माह नवम्बर, 2020 तक 53 करोड़़ 34 लाख 80 हजार 244 रूपए मूल्य की वस्तुएं तथा 3 लाख 85 हजार 785 घरेलू एलपीजी गैस सिलैंडर उपभोक्ताओं को वितरित किए गए। इस अवधि के दौरान जिला में विभाग द्वारा 1146 निरीक्षण भी किए गए जिसमें से 129 अनियमितताओं के मामलों में 4 लाख 9 हजार रूपए का जुर्माना किया गया। खाद्यान्नों की गुणवत्ता की जांच को लेकर 72 नमूने लिए गए तथा सभी नमूने मापदंडों के अनुरूप सही पाए गए। जिला में निरीक्षकों के माध्यम से सम्बंधित विकास खंडों में ग्राम पंचायत/उचित मूल्य की दुकानों पर 20 शिविरों का आयोजन कर लोगों को विभागीय जन कल्याणकारी योजनाओं तथा उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत उनके अधिकारों की विस्तार से जानकारी प्रदान कर जागरूक किया गया।
उन्होंने बताया कि जिला में 10 गैस एजैंसियों एवं 5 ग्रामीण एलपीजी वितरकों के माध्यम से जिला के सभी 1 लाख 56 हजार 134 एलपी उपभोक्ताओं को निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार वाहनों पर लाउडस्पीकरों के माध्यम से उदघोषणा कर सम्बंधित क्षेत्रों में गैस सिलैंडरों का वितरिण किया जा रहा है। जिला में एलपीजी की कोई कमी नहीं है तथा घरेलू एलपीपी उपभाक्ताओं के साथ-साथ वाण्ज्यििक उपभोक्ताओं को भी एलपीजी की आपूर्ति सुचारू रूप से की जा रही है।
उन्होंने कहा कि जिला में सभी 451 कार्यरत उचित मूल्य की दुकानों में पीओएएस मशीनों के माध्यम से ही राशन कार्ड आधारित प्रणाली द्वारा उपभोक्ताओं को खाद्याान्नों का वितरण किया जा रहा है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत जिला में 32 हजार 217 उपभाक्ताओं को लाॅकडाउन के दौरान 3-3 अतिरिक्त रिफिल तथा हिमाचल गृहणी सुविधा योजना में 12 हजार 615 पात्र लाभार्थियों को 1-1 अतिरिक्त रिफिल सिलैंडर निःशुल्क उपलब्ध करवाए गए।
बैठक में विकास खंड बंजार की ग्राम पंचायत चनौन के गांव चनौन में उचित मूल्य की दुकान के आवंटन, निरमंड की ग्राम पंचायत गमोग के गांव बाईधार में उचितत मूल्य की दुकान की शाखा, ग्राम पंचायत घाटू के गांव बांदल में भी उचित मूल्य की दुकान की शाखा, ग्राम पंचायत निरमंउ के गांव कथांडा में भी उचित मूल्य की दुकान की शाखा, विकास खंड कुल्लू की ग्राम पंचायत छैंउर के गांव चैहकी तथा विकास खंड नग्गर के वार्ड नम्बर 6 नगर परिषद मनाली में तथा आनी की ग्राम पंचायत करोड़ के गांव पटारना में एक-एक उचित मूल्य की दुकान खोलने के प्रस्ताव को भी बैठक में स्वीकृति प्रदान की गई।
इस अवसर पर परियोजना अधिकारी डीआरडीए सुरजीत ठाकुर, जिला नियंत्रक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले पुरूषोतम पंवार, जिला कार्यक्रम अधिकारी राज कुमारी के अतिरिक्त शिक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।















