DNN कुल्लू
02 नवम्बर। शिक्षा व कला, भाषा एवं संस्कृति मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने मनाली से निदेशक और समस्त उप निदेशक शिक्षा (उच्च) के साथ कोविड -19 की चुनौतियों के बीच स्कूल और काॅलेजों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य में स्कूल व काॅलेजों को फिर से खोलने पर उच्च शिक्षा विभाग की तैयारियों की वीडियो कान्फ्रेन्सिग के माध्यम से समीक्षा की। वीडयो कान्फ्रेन्सिंग में सभी जिलों के शिक्षा उपनिदेशक व अन्य शिक्षक जुडे़।
गोविंद ठाकुर ने कहा कि कोरोना की चुनौतियों के बीच शिक्षण संस्थानों में अध्ययन भी जारी रखना है और बच्चों को तथा शिक्षकों को अपने आप को कोरोना संक्रमण से भी बचाना है। उन्होंने कहा कि गत मार्च के तीसरे सप्ताह से शिक्षण संस्थान बंद थे और अब आधे से अधिक शैक्षणिक सत्र समाप्त होने को है तो ऐसे में स्कूलों व काॅलेजों को खोलना जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि हालांकि कोरोना काल में शैक्षणिक गतिविधियां आॅनलाईन जारी रहीं, लेकिन संस्थानों में पढ़ाई को कब तक बंद रखा जा सकता है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षण संस्थानों में एसओपी का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। सभी बच्चों के पास फेस कवर हों, सामाजिक दूरी का अनुपालन सुनिश्चिित करवाया जाए। एक सीट छोड़कर बच्चे बैठेंगे। उन्होंने कहा कि अनेक स्थानों पर परिवहन सुविधा यदि बच्चों को आसानी से उपलब्ध नहीं है, तो ऐसे में बच्चे अपने घरों में आॅनलाईन अध्ययन जारी रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सबकी प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उपनिदेशक समय-समय पर स्कूलों का निरीक्षण करें और सुनिश्चित बनवाएं कि एसओपी की अनुपालना हो रही है। उन्होंने कहा कि अधिकारी व शिक्षक अपने अनुभव भी सांझा करें ताकि और शिक्षा के क्षेत्र में और बेहतर कदम उठाए जा सके।
गोविंद ठाकुर ने शिक्षकों से कहा कि शिक्षण संस्थानों में जलपान करते समय एहतियात बरतें। हो सके तो अकेले में अपने घर से बना भोजन इत्यादि का ही इस्तेमाल करें और सामाजिक दूरी का ख्याल रखें। उन्होंने कहा कि प्राय देखा गया है कि जलपान करते समय मास्क उतारने के बाद पुन लगाना भूल जाते हैं और दूसरे लोगों से संवाद करने लग जाते हैं जो कहीं न कहीं आपको संकट में डाल सकता है।
शिक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया में कुछ अध्यापकों के कोरोना पाॅजिटिव होने की खबरों को अनावश्यक तूल देने पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि अध्यापक भी समाज का हिस्सा है, उनको भी कोरोना हो सकता है। उन्होंने कहा कि समाज में नकारात्मकता नहीं फैलाई जानी चाहिए। संकट की इस घड़ी में व्यक्ति को सकारात्मक वातावरण की आवश्यकता है और प्रत्येक व्यक्ति को इस बात को समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह हर रोज वीडियो कान्फॅ्रंिसग के माध्यम से कोई न कोई कार्यक्रम कर रहे हैं ताकि सामाजिक व आर्थिक गतिविधियां चलती रहे और आवश्यक कार्य भी अवरूद्ध न हों।
शिक्षा मंत्री ने सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों व अभिभावकों से अपील की है कि बच्चे स्कूलों व काॅलेजों में आएं लेकिन पूरी एहतियात के साथ। कहीं पर भी कोताही बरतने से नुकसान हो सकता है। शैक्षणिक संस्थानों को अच्छे से सेनेटाईज करना सुनिश्चित बनाया जाए। सामाजिक दूरी की अनुपालना की जाए।















