DNN सोलन ब्यूरो (आदित्य सोफत)
08 सितंबर। सोलन नगर परिषद को नगर निगम बनाने को लेकर वियल होने वाली प्रस्तवित आठ पंचायतों के लोगों को कांग्रेस और वामपंथी दल गुमराह कर रहे है। यह आरोप प्रेसवार्ता के दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता डा. राजेश कश्यप ने लगाए है। उन्होंने कहा कांग्रेस व वामपंथी लोग नगर निगम के खिलाफ दिख रहे है। ग्रामीणों को गुमराह कर यह सरकार के खिलाफ नारे लगवा रहे है जोकि सरासर गलत है। इसकी उन्होंने निंन्दा भी की है। प्रेस वार्ता के दौरान डा. राजेश कश्यप ने कहा मुख्यमंत्री द्वारा सोलन को एक बड़ी सौगात दी है। बीते कल विलय के लिए चुनी गई प्रस्तावित आठ पंचायतों के प्रतिनिधियों द्वारा ज्ञापन सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार स्पष्ट कर चुकी है कि नगर निगम में गांव का कोई भी हिस्सा शामिल नहीं किया जाएगा। बावजूद इसके वामपंथी और कांग्रेस दल इसको लेकर ग्रामीणों को गुमराह कर अपनी राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीते कल जो सरकार के खिलाफ नारेबाजी की है उस में भाजपा के लोग शामिल नहीं की है। वह केवल ज्ञापन देकर अपने-अपने गंतव्य की और चले गए थे।
सरकार ने मेनिफेस्टो में किया था सोलन को नगर निगम बनाने का एलान
राजेश कश्यप ने कहा कि 2017 के चुनाव मेनिफेस्टो में ही सरकार स्पष्ट कर चुकी थी कि सोलन को नगर निगम बनाया जाना है वह इसके बाद अब सरकार अपना वादा पूरा कर चुकी है लेकिन कांग्रेस और अन्य दल लोगों को गुमराह कर यह भारतीय पर आ रहे हैं कि ग्रामीणों का जो हक है वह उनसे छिन जाएगा। इस संबंध में वे जयराम ठाकर और जिले के मंत्री से भी मिले हैं उन लोगों ने आश्वासन दिया है कि यदि गांव का क्षेत्र नगर निगम में शामिल नहीं किया जाना है तो सरकार उसे नगर निगम में शामिल नहीं करेगी।
राजेश कश्यप ने कहा कि 2017 के चुनाव मेनिफेस्टो में ही सरकार स्पष्ट कर चुकी थी कि सोलन को नगर निगम बनाया जाना है वह इसके बाद अब सरकार अपना वादा पूरा कर चुकी है लेकिन कांग्रेस और अन्य दल लोगों को गुमराह कर यह भारतीय पर आ रहे हैं कि ग्रामीणों का जो हक है वह उनसे छिन जाएगा। इस संबंध में वे जयराम ठाकर और जिले के मंत्री से भी मिले हैं उन लोगों ने आश्वासन दिया है कि यदि गांव का क्षेत्र नगर निगम में शामिल नहीं किया जाना है तो सरकार उसे नगर निगम में शामिल नहीं करेगी।
पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व मंत्री भी नगर निगम के मुद्दे को लेकर है मौन
राजेश कश्यप ने कहा की ना तो स्थानीय विधायक कर्नल धनीराम शांडिल और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह जो कि जिला से ही संबंध रखते हैं वह भी इस तरफ लोगों कोगाइड नहीं कर रहे हैं कि नगर निगम बनने से जिला का विकास होगा सब लोगअपनी राजनीति को चमकाने में लगे हुए हैं।
राजेश कश्यप ने कहा की ना तो स्थानीय विधायक कर्नल धनीराम शांडिल और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह जो कि जिला से ही संबंध रखते हैं वह भी इस तरफ लोगों कोगाइड नहीं कर रहे हैं कि नगर निगम बनने से जिला का विकास होगा सब लोगअपनी राजनीति को चमकाने में लगे हुए हैं।
कांग्रेस के पास नहीं है मुद्दा
डा. राजेश कश्यप ने कहा कि कांग्रेस के लोगों के पास कोई मुद्दा नहीं है। इसके चलते वह लोगो को भड़का कर राजनीती कर रहे है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में भी उनके पास कोई मुद्दा नहीं है।
भाजपा के जो भी लोग थे शामिल उन्हें खिलाफ होगी कार्रवाई
बीते कल सोलन में विरोध प्रदर्शन को लेकर भाजपा से जो लोग भी शामिल थे पार्टी उनके ऊपर कार्रवाई करेगी। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा किसड़कों पर उतरने वाले लोगों को पार्टी से भी निकला जाएगा।
ग्रामीण संघर्ष समिति संघर्ष तब करेगी जब सरकार नही सुनेगी
ग्रामीण संघर्ष समिति के अध्यक्ष कांति स्वरूप और उपाध्यक्ष जगदीश ने कहा कि कल वह लोग डीसी के पास नगर निगम में ग्रामीण क्षेत्र को शामिल न करने के विरोध में ज्ञापन डीसी के माध्यम से मुख्यमंत्री को सौंपने गए थे लेकिन उसके बाद बाहर ग्रामीणों को उकसा कर कुछ अन्य दलों के नेता ने नारेबाजी कर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया उन्होंने कहा कि भाजपा समर्थित किसी भी प्रधान ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी नहीं कि वे लोग सरकार के फैसले का स्वागत करते हैं,उन्होंने कहा कि वे लोग नगर निगम के विरोध में नहीं है सिर्फ ग्रामीण क्षेत्र को नगर निगम में शामिल न किया जाए।
ग्रामीण संघर्ष समिति संघर्ष तब करेगी जब सरकार नही सुनेगी
ग्रामीण संघर्ष समिति के अध्यक्ष कांति स्वरूप और उपाध्यक्ष जगदीश ने कहा कि कल वह लोग डीसी के पास नगर निगम में ग्रामीण क्षेत्र को शामिल न करने के विरोध में ज्ञापन डीसी के माध्यम से मुख्यमंत्री को सौंपने गए थे लेकिन उसके बाद बाहर ग्रामीणों को उकसा कर कुछ अन्य दलों के नेता ने नारेबाजी कर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया उन्होंने कहा कि भाजपा समर्थित किसी भी प्रधान ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी नहीं कि वे लोग सरकार के फैसले का स्वागत करते हैं,उन्होंने कहा कि वे लोग नगर निगम के विरोध में नहीं है सिर्फ ग्रामीण क्षेत्र को नगर निगम में शामिल न किया जाए।















