आंदोलन ओर तेज कर सकते है ग्रामीण

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DNN सोलन ब्यूरो (आदित्य सोफत)

07 सितंबर। सोलन को नगर निगम बनाने का ग्रामीणों ने विरोध तेज कर दिया है। इसी कडी में यहां की 08 ग्राम पंचायतों ने धरना प्रदर्शन करके चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने ग्रामीणों की नहीं सुनी तो ग्रामीण आंदोलन और ज्यादा तेज करेंगे। प्रदर्शन व रैली के बाद ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों द्वारा सोमवार को उपायुक्त सोलन के माध्यम से मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश को आपत्तियों से भरा ज्ञापन सौंपा है। इस के बाद जन प्रतिनिधियों ने सड़कों पर उत्तर कर विरोध प्रदर्शन भी किया है। साथ ही ग्रामीणों का कहना है कि सोलन को लाल सोने व मशरूम सिटी से जाना जाता है। अगर ग्रामीण क्षेत्रों को नगर निगम में सम्मिलित कर दिया तो इससे शहरीकरण बढ़ेगा। इससे लोग बेरोजगारी भी बढ़ेगी।
बता दे कि सोलन नगर परिषद को नगर निगम में बनाने को लेकर शहर के साथ लगती पंचायतों को सम्मिलित  किया जाना है। इसमें समिल्लित की जाने वाली प्रस्तावित आठ पंचायत जिनमें बसाल, पडग, सलोगड़ा, सेरी, कोठो, शामती, सपरून व आंजी शामिल है, लेकिन इन पंचायतों के प्रतिनिधियों द्वारा समिल्लित होने से आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि अस्तित्व समाप्त करके उनका विलय सोलन नगर परिषद में किया जा रहा है जिससे के इन सभी पंचायतों के निवासी बेहद परेशान है।
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा जो विकास गांव का पंचायतों के माध्यम से करवाया जा रहा है,वे चाहते हैं कि इसी प्रकार से उनके गांव व इलाके का विकास पंचायत में रहते हुए किया जाए। उन्होंने कहा कि हमारी पंचायतों के इलाकों का न तो शहरीकरण हुआ है, न ही किसी सुविधाओं का कोई अभाव है। आबादी का घनत्व भी बहुत कम है।  पंचायत द्वारा कभी कोई प्रस्ताव नगर परिषद में शामिल किए जाने के लिए नहीं दिया गया है। आम सभा ने कभी भी इसकी इजाजत नहीं दी है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि नर परिषद सोलन अपने आप में नगर निगम बनने में सक्षम है। यह अपनी आबादी और राजस्व की शर्त को पूरा करती है, इसके लिए गांव वह पंचायत का विलय करने की कोई आवश्यकता न  अगर गांव का विलय सोलन म्यूनिसिपल कमेटी में किया जाएगा तो इसका विपरीत असर सोलन में की जाने वाली खेती पर दिखाई देगा।
आने वाले समय में जो आजीविका कृषि से लोग कमा रहे हैं वे इससे वंचित होंगे बेचने के लिए मजबूर होंगे से और शहरीकरण बढ़ेगा आसपास का वातावरण भी दूषित होगा।
केंद्र सरकार का ग्राम स्वराज अभियान जो सबका साथ सबका गांव सबका विकास के उद्देश्य को पूर्ण करना चाहता है वह बेकार हो जाएगा. ग्रामीण विकास विभाग की स्कीम श्यामा प्रसाद मुखर्जी रू अर्बन मिशन इन क्षेत्रों में लागू की जाए जिससे कि आर्थिक सामाजिक और
भौतिक बुनियादी सुविधाओं का प्रावधान करके ऐसे ग्रामीण क्षेत्रों को विकसित किया जाए इससे ग्रामीण शहरी विभाजन को पाटनी ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी और बेरोजगारी को कम करने क्षेत्र में विकास का प्रसार स्थानीय आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में यह मिशन स्कीम कारगर
होगी, इस तरह से पंचायत का अस्तित्व समाप्त करके शहर में मिला देने से क्षेत्र के निवासियों को तो नुकसान ही होगा
ज्ञापन के माध्यम से आठ पंचायतों के जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि पंचायतों की इस विकट स्थिति में हमारी बात सुने व समझें।  यह फैसला सरकार का ग्रामीण सथियो के हक में नहीं है। इस दौरान उन्होंने पुन: विचार करने का आग्रह भी किया है।

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