DNN सोलन
दून के पूर्व विधायक चौधरी राम कुमार ने कहा कि सरकार बीबीएन में चोर दरवाजे से नगर निगम बना रही है। जबकि इस बारे में पंचायत प्रतिनिधियों व राजनीतिक दलों की अनदेखी की है। केवल उद्योगपतियों के कहने पर ही सरकार क्षेत्र को नगर निगम निगम बनाने जा रही है। वर्तमान विधायक लोगों की आवाज उठाने पर पूरी तरह से नाकाम है। किसानों को बिना बजह से करों के बोझ से दबाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे निजी स्तर पर तो नगर निगम का स्वागत करते है, लेकिन यह लोगों को हितों में नहीं है। सरकार ने केवल उद्योगपतियों की मांग पर इसे बनाया है। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि बीबीएन क्षेत्र का दायरा 36 किमी है। इसमें दो नगर परिषद के अलावा 69 पंचायतें आती करती है। अभी बीबीएन में मुफ्त पेयजल मिलता है लेकिन निगम बनने के बाद लोगों को पानी के भारी भरकम बिल चुकाने पड़ेंगे। यहीं हाउस टैक्स के बोझ भी सभी लोगों को पड़ेगा। मकान बनाना अब लोगों के लिए काफी मुशकिल होगा। लोगों को अपने मकान बनाने के लिए नक्शे तैयार करने पड़ेंगे जिसमें पैसों के साथ साथ समय की भी बर्बादी होगी।
पूर्व विधायक ने कहा कि इसका सीधा असर गरीब किसानों पर पड़ेगा। अभी बीबीएन में मनरेगा जैसी कई लाभकारी योजनाएं चल रही है जिससे किसान फायदा ले रहे है। नगर निगम बनने के बाद यह सभी योजनाएं बंद हो जाएगी और यहां पर पंचायतों में विकास रुक जाएगा। उन्होंने वर्तमान विधायक की नाकामी बताते हुए कहा कि विधायक को चाहिए था कि पंचायत प्रतिनिधियों को राय ली जाए लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाया तथा अब लोगों को भारी भरकम टैक्स भरना पड़ेगा। विधायक लोगों को आवाज उठाने में पूरी तरह से नाकाम रहे है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि वह इस पर पुनर्विचार करे तथा बीबीएन में निगम बनाने से पहले पंचायत प्रतिनिधियों की राय ली जाए न की उनकी इसे थोपा जाए। इससे लोगों को परेशानियां अधिक होंगी ओर सुविधाएं कम होगी।















