कृषि, बागवानी, पशुपालन और उद्योग विभाग स्थानीय स्तर पर व्यवहारिक व बुनियादी स्कीमें करें तैयार-DC

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DNN चंबा

उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह द्वारा 19 जून को चंबा में की जाने वाली समीक्षा बैठक से पूर्व आज उपायुक्त विवेक भाटिया ने बचत भवन में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की। उपायुक्त ने विभागीय अधिकारियों को कहा

कि उद्योग मंत्री की अध्यक्षता में होने वाली बैठक के दौरान वे अपने विभाग से संबंधित गत वर्ष आवंटित बजट, खर्च और चालू वित्त वर्ष के स्टेटस की नवीनतम रिपोर्ट तैयार रखें। उपायुक्त ने जल शक्ति, लोक निर्माण, वन, स्वास्थ्य, आयुर्वेद, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, महिला एवं बाल विकास, कृषि, बागवानी, पशुपालन, पर्यटन, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, पंचायती राज, प्रारंभिक एवं उच्च शिक्षा, ग्रामीण विकास, रोजगार और उद्योग विभागों के अलावा लोकल एरिया डेवलपमेंट फंड, सर्व शिक्षा अभियान, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, चंबा मेडिकल कॉलेज के अलावा बिजली बोर्ड के कामकाज की भी समीक्षा की और प्रगति का ब्यौरा प्राप्त किया।
उपायुक्त ने कृषि, बागवानी, पशुपालन और उद्योग विभाग को हिदायत देते हुए कहा कि वे स्थानीय स्तर पर व्यवहारिक बुनियादी स्कीमें तैयार करें ताकि अधिकाधिक युवाओं को इन क्षेत्रों में मौजूद रोजगार की अपार संभावनाओं के प्रति प्रेरित करके उन्हें स्वरोजगार के साथ जोड़ा जाए।
उपायुक्त ने सलूणी क्षेत्र में लैवेंडर की खेती को बढ़ावा देने की बात कही। उपायुक्त ने यह भी कहा कि चंबा जिला में वन अधिकार अधिनियम के तहत समितियों के गठन को लेकर अन्य जिलों के मुकाबले प्रभावी कदम उठाए गए हैं। जिसके चलते विभिन्न योजनाओं को धरातल पर लाने में विभागों को सही दिशा व प्रगति मिल सकती है। उपायुक्त ने बताया कि माइक्रो सिंचाई स्कीमों के तहत चंबा जिला में गत 2 वर्षों के दौरान बेहतर परिणाम देखने को मिले हैं। उन्होंने मृदा संरक्षण विभाग को इस दिशा में और सक्रिय होकर सिंचाई सुविधा के तहत आने वाले क्षेत्र को विस्तार देने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की एस्पिरेशनल  जिला योजना के तहत माइक्रो सिंचाई इंडिकेटर में चंबा जिला का देशभर में दूसरा स्थान रहा है जो सकारात्मक संदेश देता है। लेकिन जरूरत इस बात की है कि माइक्रो सिंचाई स्कीम की सहूलियत को हर उस किसान के खेत तक पहुंचाया जाए जो कृषि गतिविधियों के साथ जुड़कर अपनी आर्थिकी को मजबूती देना चाहता है।
उन्होंने कहा कि विभाग अपनी कार्य योजना को मूर्त रूप देने से पहले किसानों की सक्रिय भागीदारी अपने साथ रखें ताकि किसानों की जरूरत और अपेक्षा के आधार पर ही योजना बने और उसका कार्यान्वयन भी हो। उपायुक्त ने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षण संस्थानों के अलावा आंगनबाड़ी भवनों और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए। गुणवत्ता की निगरानी के लिहाज से यह विभागीय अधिकारी का भी नैतिक दायित्व बनता है।

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