DNN हमीरपुर
भारत-चीन एलएसी में हुई झड़प में जिला हमीरपुर का 21 वर्षीय जवान शहीद हो गया। तनाव बढ़ने के बाद ही अंकुश की पंजाब रेजीमेंट को चीन सीमा पर भेजा गया था। अंकुश के शहीद होने पर प्रदेश में शोक की लहर है। झड़प में शहीद हुए अंकुश सन 2018 में पंजाब रेजिमेंट में भर्ती हुआ था। बताया जा रहा है कि अंकुश 10 माह पहले ही ड्यूटी ज्वाइन की थी। बता दें कि अंकुश जिला हमीरपुर भाेरंज के कड़होता गांव का रहने वाला है। जवान बेटे की शहादत के बाद माहौल गमगीन है। अंकुश के पिता व दादा भी सेना में सेवाएं दे चुके हैं। पंचायत के उपप्रधान वीरेंद्र डोगरा ने बताया शहादत की खबर सुनते ही गांव में शोक का माहौल है। बताया जा रहा है आज शाम शहीद की पार्थिव देह घर पहुंच सकता है।
पूर्व अध्यक्ष एवं नादौन के विधायक सुखविंदर सिंह सुक्खू ने व्यक्त किया शोक
पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय सेना और चीन के बीच हुई झड़प में वीरभूमि हिमाचल के हमीरपुर के भोरंज क्षेत्र से संबंध रखने वाले भारतीय सेना के वीर जवान अंकुश ठाकुर के शहीद होने पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं नादौन के विधायक सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शोक व्यक्त किया है। सुक्खू ने शहीद की शहादत को नमन करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति व शोकग्रस्त परिवारजनों को इस असहनीय दुःख सहने की शक्ति प्रदान करने के लिए प्रार्थना की है। विधायक सुक्खू ने कहा कि शहीद का ऋण पूरा देश आजीवन नहीं चुका सकता है लेकिन समय आ गया है कि केंद्र सरकार इस मामले पर कड़ा संज्ञान ले और चीन द्वारा भारत की जमीन पर हो रहे अतिक्रमण रोका जाए।















