लॉक डाउन के चलते फंसे 131 स्थानीय लोगों ने चंबा जिला की सीमा में किया प्रवेश

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DNN चंबा

चंबा जिला में संस्थागत क्वॉरेंटाइन केंद्रों में  रहने वालों की व्यक्तिगत स्वच्छता पर अब और प्रभावी फोकस रखा जाएगा। उपायुक्त एवं जिला मजिस्ट्रेट विवेक भाटिया ने आज यहां बताया कि बाहर से आने वाले  लोगों को क्वॉरेंटाइन केंद्रों में अलग तौलिया, साबुन, टूथपेस्ट और  टूथब्रश उपलब्ध करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि पर्सनल हाइजीन जैसे महत्वपूर्ण पहलू को संस्थागत क्वॉरेंटाइन की अवधि में हर तरीके से सुनिश्चित बनाया जा सके। 

बाहरी राज्यों में लॉक डाउन के चलते फंसे 131 स्थानीय लोगों ने आज चंबा जिला की सीमा में प्रवेश किया। जिन्हें चिकित्सकीय जांच
के बाद उनके संबंधित उप मंडलों के क्वॉरेंटाइन केंद्रों के लिए बसों के माध्यम से भेज दिया गया। इनमें चुराह उपमंडल के 53, सलूणी के  के 21, चंबा और डलहौजी के 25 जबकि भटियात  उपमंडल केे 32 लोग शामिल थे।
उपायुक्त एवं जिला मजिस्ट्रेट विवेक भाटिया ने बताया कि जिला के सभी एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं कि क्वॉरेंटाइन केंद्रों की पुख्ता निगरानी के अलावा वहां सभी आवश्यक सुविधाओं को सुनिश्चित बनाया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि जिले के सभी उपमंडलों में अतिरिक्त क्वॉरेंटाइन केंद्रों की स्थापना को लेकर विशेष कार्य योजना के तहत कदम उठाए गए हैं ताकि जिला में क्वॉरेंटाइन सुविधाओं की पर्याप्त मौजूदगी रहे और आने वाले दिनों में बाहर से आने वाले अन्य लोगों को भी मेडिकल प्रोटोकॉल व अन्य एहतियातों के साथ क्वॉरेंटाइन केंद्रों में 14 दिनों के लिए निगरानी में रखा जा सके।

उन्होंने कहा कि अब हमें और जागरूक और जागृत होने की अत्यंत आवश्यकता है। अन्य राज्यों से आने वाले वे व्यक्ति जिन्हें संस्थागत क्वॉरेंटाइन किया गया है और जिन्होंने  बाद में होम क्वॉरेंटाइन प्रोटोकॉल का भी पालन करना है, उन्हें अब ऐसी निगरानी में रखा जाएगा जिससे कोरोना संक्रमण के खतरे पर पूरी तरह से अंकुश रखा जा सके। 
उपायुक्त ने कहा कि कोरोना संक्रमण के इस संकट में यदि जीवट के साथ सुरक्षित जीना है तो जानकारी और जागरूकता को अपनी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाना ही होगा।
विवेक भाटिया ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव में होम क्वॉरेंटाइन एक सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। संस्थागत क्वॉरेंटाइन की अवधि सुरक्षित तरीके से पूरी करने वाला व्यक्ति यदि होम क्वॉरेंटाइन को भी सभी नियमों को अपनाते हुए पूरा करता है तो वह ना केवल अपने जीवन को सुरक्षित बनाता है बल्कि अपने परिवार को भी इस संक्रमण की जद में आने से बचा लेता है। उपायुक्त ने यह भी कहा कि यह प्रयास किया जाना चाहिए कि संबंधित पंचायत प्रधान, आशा कार्यकर्ता और स्वास्थ्य कार्यकर्ता होम क्वॉरेंटाइन के लिए बाहर से आने वाले व्यक्ति के पहुंचने से पहले उसके घर पहुंचे ताकि ऐसे लोगों के परिवार के सदस्यों को परिवार के बीच सामाजिक दूरी रखने के बारे में भी जागरूक किया जा सके। 

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