पहले दिन NAUNI में बिके 40 हजार पौधे, किसान बागवान खुश

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DNN सोलन

डॉ॰ वाईएस परमार औद्यानिकी और वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी में हर वर्ष की तरह इस साल भी बागवानों के लिए फलदार पौधे की बिक्री बुधवार को शुरू हुई। पौधों को खरीदने के लिए प्रदेश के किसानों में बहुत उत्साह दिखा और सुबह से उनका विश्वविद्यालय परिसर में आना शुरू हो गया था। हिमाचल प्रदेश के अलावा उत्तराखंड, पंजाब, जम्मू और कश्मीर सहित अन्य राज्यों से भी कई किसान पौधे लेने विश्वविद्यालय आए। पहले दिन करीब 40000 पौधे विश्वविद्यालय द्वारा बेचे गए। सेब में स्पर किस्मों की काफी डिमांड रही।

    इस वर्ष विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा फलों की विभिन्न किस्मों के करीब 84000 पौधे तैयार किए गए हैं जो विश्वविद्यालय परिसर से ही किसानों के लिए उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त हिमाचल के विभिन्न हिस्सों में स्थित विश्वविद्यालय के कृषि विकास केन्द्रों (केवीके) और क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केन्द्रों ने भी करीब 62000 पौधे बागवानों के लिए तैयार किए हैं। नौणी विवि के अंतर्गत आने वाले सोलन के कृषि विकास केन्द्र कंडाघाट, किन्नौर के केवीके शारबो, लाहौल स्पीति के केवीके ताबो, शिमला के केवीके रोहडू, केवीके चंबा और क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र बजौरा और मशोबरा में भी पौधे तैयार किए गए हैं।

    जिन फलदार पौधों की बिक्री की गई उनमें सेब, कीवी, पलम, खुरमानी, आड़ू, अखरोट, चेरी, आनर, नेक्टरिन, पेरसिमोन, पेकननट, नाशपती आदि शामिल है। विश्वविद्यालय के फल विज्ञान विभाग, बीज विज्ञान और अनुसंधान निदेशालय के अंतर्गत मॉडल फार्म में इन पौधों को तैयार किया गया है। यह सभी पौधे पहले आओ पहले पाओ के आधार पर बेचे जा रहे हैं।

 

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