शिक्षा तभी सार्थक है यदि छात्र बने ज्ञानवान व संस्कारवान- सुरेश भारद्वाज

Nalagarh Politics

DNN नालागढ़

शिक्षा, संसदीय मामले एवं विधि मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि शिक्षा को समग्र विकास का पर्याय बनाने के लिए हमें अपनी शिक्षा पद्धति में संस्कारों एवं नैतिक मूल्यों का समावेश करना होगा। सुरेश भारद्वाज आज सोलन जिला के नालागढ़ उपमण्डल के बद्दी स्थित वीआर सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर देश के संविधान निर्माता भारत रत्न डाॅ. भीमराव आंबेदकर को उनके महापरिनिर्वाण दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित की।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि छात्रों को भारत की परंपरा, रीति-रिवाजों के साथ-साथ पारिवारिक मूल्यो एवं नैतिक मूल्यों की शिक्षा दिया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि छात्र भविष्य में न केवल देश के उत्तरदायी नागरिक बनने चाहिए अपितु वे अपने वृद्ध माता-पिता एवं परिवार का पूर्ण पालन एवं पोषण करने में भी सक्षम होने चाहिएं। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए युवाओं को आधुनिक ज्ञान के साथ-साथ संस्कृति एवं संस्कारों की गहन जानकारी दी जानी आवश्यक है। प्रदेश सरकार इस दिशा में योजनाबद्ध कार्य कर रही है। सुरेश भारद्वाज ने कहा कि शिक्षा के प्रचार-प्रसार में सरकार के साथ-साथ निजी शिक्षण संस्थानों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

 

 

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