35 साल की नौकरी के बाद भी एक ही पद से सेवानिवृत होने पर मजबूर महिला हैल्थ वर्कर

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DNN सोलन ब्यूरो 
13 दिसंबर। हिमाचल प्रदेश में महिला हैल्थ वर्करों की पदोन्नति नहीं हो रही है। लगभग 35 वर्षों की सेवाए देने के बाद भी महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता एक ही पद से सेवानिवृत होने पर मजबूर है। इस विषय को लेकर महिला हैल्थ वर्कर यूनियन का एक प्रतिनिधि मंडल स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डा. राजीव सैज़ल से मिला। इस दौरान यूनियन द्वारा इस विषय को लेकर ज्ञापन भी सौंपा है और मांग कि है की जल्द उनकी मांगों पर गौर किया जाए और पदौन्नति के द्वार खोलें जाएं।
जाए। इस दौरान महिला हैल्थ वर्कर यूनियन की प्रधान आशा कंवर ने बताया कि महिला हैल्थ वर्कर की पदोन्नति पुरुष हैल्थ वर्करों के बराबर नहीं है। इसी के चलते महिला हैल्थ वर्करों का 1988 का बेच भी अभी तक पदोन्नति की राह देख रहा  है।  जबकि,  पुरुष हैल्थ वर्करों में 1997 का बैच जा रहा है। उन्होंने कहा की महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता और पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता एक ही पद, एक ही कार्य व एक ही वेतन होने के बाबजूद पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता ही पदोन्नति पा रहे है।  
साथ ही इस दौरान आर एन्ड पी रूल्ज को लेकर भी बातचीत की गई है।  बातचीत में बताया गया कि इस रूल्ज को भी सरकार के द्वारा दुरुस्त किया जाए। प्रदेश में अभी पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के पद 2008 है जबकि महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के 2213 पद है।  पुरुष पर्यवेक्षक के 413 पद है और महिला पर्यवेक्षक के 350 पद है।
ज्ञापन के माध्यम से बताया गया कि पदोन्नति के लिए पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का 50 बैच का जाता है, जबकि महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का केवल 30 का बैच भेजा जाता है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का 100 का बैच यानी एक मुश्त महिलाओं की पदोन्नति हो और लगभग 20 साल में पदोन्नति का सरकार से आग्रह किया है।  इस दौरान मंत्री डा. राजीव सैज़ल महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया है कि उनकी सभी मांगों पर ध्यान दिया जाएगा और विभाग से इस बारे चर्चा की जाएगी।

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