Dnewsnetwork चम्बा, 21 सितंबर
उपायुक्त चम्बा मुकेश रेपस्वाल ने एग्री स्टैक परियोजना के अंतर्गत कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार की पहल फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जिले में पात्र किसानों का फार्मर रजिस्ट्री के तहत पंजीकरण कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि जिला चम्बा में पीएम-किसान सम्मान निधि योजना के लगभग 78 हजार लाभार्थी हैं, जिनमें 62,395 सक्रिय लाभार्थी शामिल हैं। सक्रिय लाभार्थी किसानों में से 49,116 किसानों की विशिष्ट पहचान (फार्मर आइडी) फार्मर रजिस्ट्री के अंतर्गत बनाई जा चुकी है। इस प्रकार पीएम-किसान के सक्रिय लाभार्थियों में लगभग 78.72 प्रतिशत का पंजीकरण पूरा किया जा चुका है। वहीं जिले के कुल पीएम-किसान लाभार्थियों में लगभग 62.83 प्रतिशत की फार्मर रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है।
उपायुक्त ने कृषि विभाग को निर्देश दिए कि 30 सितंबर 2026 तक शेष लाभार्थी किसानों का एग्री स्टैक पोर्टल पर पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लक्ष्य निर्धारित कर नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करने तथा शेष लाभार्थियों की सूची, जो ब्लॉक स्तर पर पहले ही उपलब्ध करवाई जा चुकी है, के आधार पर पंजीकरण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री के तहत पंजीकरण के बाद किसानों को 11 अंकों की विशिष्ट किसान पहचान संख्या (फार्मर आइडी) प्राप्त होगी। इस पहचान संख्या के माध्यम से किसान भविष्य में पीएम-किसान सम्मान निधि सहित विभिन्न विभागीय योजनाओं के तहत मिलने वाले लाभ एवं बीज आदि सुविधाओं को प्राप्त कर सकेंगे।
बैठक में डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने विभाग को निर्देश दिए कि डीसीएस अप्रूवल प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि निर्धारित अवधि में शत-प्रतिशत अप्रूवल सुनिश्चित किया जा सके।
इसके अतिरिक्त उपायुक्त ने जिले में ऑटोमैटिक वैधर स्टेशन तथा ऑटोमैटिक रेन गेज की स्थापना की प्रगति की भी समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि विंडस (वैधर इनफार्मेशन नेटवर्क डाटा सिस्टम ) के अंतर्गत जिले में ऑटोमैटिक वैधर स्टेशन्स एवं ऑटोमैटिक रेन गेज स्थापित किए जा रहे हैं। उपायुक्त ने संबंधित विभागों एवं कार्यदायी एजेंसी को स्थापना कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि शेष स्थलों पर भी कार्य शीघ्र पूरा किया जा सके।
उन्होंने कहा कि मौसम संबंधी सटीक एवं स्थानीय स्तर की जानकारी किसानों सहित विभिन्न विभागों के लिए अत्यंत उपयोगी है तथा इन उपकरणों की स्थापना से मौसम संबंधी आंकड़ों की उपलब्धता और आपदा प्रबंधन व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।














