30 जून तक पारम्परिक जल स्त्रोतों सहित सभी जलापूर्ति योजनाओं की जाए सफाई

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DNN सोलन

सोलन जिला में 30 जून तक पारम्परिक जल स्त्रोतों सहित सभी जलापूर्ति योजनाओं की सफाई सुनिश्चित बनाई जाए ताकि गर्मी एवं वर्षा ऋतु के दौरान होने वाले जल जनित रोगों को न्यून किया जा सके। उपायुक्त सोलन केसी चमन ने जल शक्ति विभाग को निर्देश दिए हैं कि पारम्परिक जल स्त्रोतों के साथ-साथ विभिन्न जलापूर्ति योजनाओं को समय पर साफ करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में लोगों को जागरूक किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि लोगों को यह भी समझाया जाना चाहिए कि पारम्परिक जल स्त्रोत समुचित देखभाल एवं साफ-सफाई के साथ ही दीर्घावधि तक लोगों को शुद्ध जल उपलब्ध करवा सकते हैं। उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा जल शक्ति विभाग को इस दिशा में समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उपायुक्त आज यहां डेंगू, पीलिया, स्क्रब टाईफस, आन्त्रशोथ (गेस्ट्रोएनट्राइटिस), अतिसार तथा हैजा जैसे विभिन्न जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए आयोजित जिला स्तरीय समन्वय समिति की एक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि इस कार्य को पूर्ण रूप से सफल बनाने के लिए सम्बन्धित उपमंडलाधिकारी की अध्यक्षता में समितियां गठित की जाएंगी। यह समिति अपने क्षेत्राधिकार में सभी ग्राम पंचायतों तथा शहरी निकायों में पेयजल स्त्रोतों तथा पेयजल टैंकों की स्वच्छता सुनिश्चित करेगी।
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि पेयजल भंडारों एवं पारम्परिक जल स्त्रोतों की आवश्यकतानुसार एवं समबयबद्ध क्लोरिनेशन करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सभी पेयजल स्त्रोतों से समय-समय पर जल के नमूने एकत्र किए जाएं तथा पेयजल पीने योग्य न पाए जाने पर पेयजल स्त्रातों के निरीक्षण के लिए गठित समिति नियमानुसार कार्यवाही अमल में लाए।
उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर पेयजल स्त्रोतों की गुणवत्ता जांच के लिए रेंडम सैंपलिंग की जाए ताकि जलजनित रोगों से बचा जा सके और पेयजल को शुद्ध रखा जा सके। उन्होंने जिला की विभिन्न नगर परिषदों एवं नगर पंचायत के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल भराव एवं ठहराव के स्थान पर फोगिंग की जाए तथा जल स्त्रोतों की क्लोरीनेशन की जाए। उन्होंने सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि पंचायत स्तर पर भी ब्लीचिंग पाउडर की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित बनाई जाए।

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