DNN शिमला
14 फरवरी : हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से ऊंचे क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी के बाद शीतलहर का हमला बढ़ गया है।
शिमला सहित कुल्लू, चंबा, लाहौल स्पीति, किन्नौर और कांगड़ा के ऊंचे क्षेत्रों में ठंडी हवाओं ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं।
प्रदेश में ठंड ने एक बार फिर अपना प्रचंड रूप धारण कर लिया है। पहाड़ों से लेकर मैदानों तक भीषण ठंड पड़ रही है। राज्य के उच्च पर्वतीय इलाकों में पिछले तीन दिन भारी हिमपात हुआ है। बर्फबारी के बाद तापमान में भारी गिरावट आने से ठंड का कहर बढ़ गया है। आलम यह है कि राज्य के सात शहरों का न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे चला गया है। विख्यात पर्यटन स्थलों कुफरी और मनाली का पारा भी माइनस में पहुंच गया है।
मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक लाहौल-स्पीति जिले का मुख्यालय केलांग सबसे ठंडा रहा जहां न्यूनतम तापमान -13.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। इसके अलावा कुकुमसेरी में -12.1, नारकंडा में -4, कल्पा में -3, कुफरी में -2.6, मनाली में -2 और सियोबाग में -0.3 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। डल्हौजी में 0.1, सुंदरनगर व बरठीं में 0.4, रिकांगपिओ में 0.5, भुंतर व सराहन में 1 डिग्री, हमीरपुर में 1.3 डिग्री, शिमला में 1.4 डिग्री, पालमपुर व मंडी में 1.5 डिग्री, ऊना में 2 डिग्री, सोलन में 2.4 डिग्री, चम्बा व कांगड़ा में 3.1, बिलासपुर में 4 और धर्मशाला में 6.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है।
लाहौल स्पिति के उदयपुर से 19 किलोमीटर दूर नाग मंदिर के समीप भारी भूस्खलन होने से उदयपुर-तिंदी-किलाड़ मार्ग बंद हो गया है। इससे पांगी घाटी का कुल्लू, मनाली के साथ लाहौल से संपर्क कट गया है। लोग भूस्खलन से अवरुद्ध मार्ग के चलते पैदल आवाजाही करने को मजबूर हैं। सीमा सड़क संगठन ने मशीनरी को मौके के लिए भेज दिया। हर तीसरे दिन मार्ग पर हिमस्खलन और भूस्खलन के कारण आम लोगों के साथ बीआरओ को भी परेशान होना पड़ रहा है। उदयपुर से किलाड़ के बीच जगह-जगह मशीनों को तैनात कर रखा है।
सर्दी के मौसम में माइनस तापमान होने से लोगों को खासा परेशान होना पड़ रहा है। सीमा सड़क संगठन के ओसी अखिल देव कौशल ने बताया कि सड़क बंद होने की सुबह ही उदयपुर से 19 किमी दूर सड़क में गिरी चट्टानों को हटाने के लिए मशीन भेज दी थी। जबकि मनाली-लेह मार्ग पर बर्फ हटाकर बीआरओ ने अटल टनल रोहतांग एकतरफा यातायात के लिए बहाल कर दी है।
डीएसपी मनाली हेमराज वर्मा ने बताया कि पर्यटक वाहनों को पलचान में ही रोका जा रहा है। इससे आगे सिर्फ फोर बाई फोर वाहनों को भेजा गया।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक सुरेंद्र पॉल ने बताया कि 16 फरवरी तक समूचे प्रदेश में मौसम साफ रहेगा। 17 फरवरी को मैदानी क्षेत्रों में धूप खिली रहेगी, जबकि पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी होने के आसार हैं। 18 व 19 फरवरी को प्रदेश भर में मौसम खराब रहेगा।
राज्य के पर्वतीय इलाकों में पिछले दिनों हुई बर्फबारी से अवरुद्ध तीन नेशनल हाइवे व 174 सड़कें अभी तक बहाल नहीं हो पाई हैं। इसी तरह 140 ट्रांसफार्मरों के बंद होने से कई इलाकों में बिजली गुल है। राज्य आपदा प्राधिकरण की रिपोर्ट के मुताबिक लाहौल-स्पीति जिला में सबसे ज्यादा 148 सड़कें और 108 ट्रांसफार्मर बंद हैं।















