टेक सेवी का प्रयाय बनी हिमाचल प्रदेश पुलिस
DNN शिमला
सड़क सुरक्षा बढ़ाने और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के प्रयास में, हिमाचल प्रदेश पुलिस और राज्य परिवहन विभाग पूरे हिमाचल प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं और मौतों को कम करने के लिए एक व्यापक रणनीति तैयार करने के लिए एक साथ आए। इसका उद्देश्य हिमाचल और पूरे देश में पहाड़ी सड़कों पर सुरक्षित ड्राइविंग की संस्कृति को बढ़ावा देना है। हिमाचल प्रदेश सड़क सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में दृढ़ कदम उठा रहा है, ये उपाय सड़कों पर जीवन की सुरक्षा में सार्थक बदलाव लाने की क्षमता रखते हैं। यह जानकारी डीजीपी संजय कुंडू ने दी । उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश पुलिस ने पिछले कुछ समय से यातायात नियमों को लागू करने के लिए आधुनिक उपकरण खरीद रही है। हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों और राज्य राजमार्गों पर विभिन्न स्थानों पर कुल 49 आईटीएमएस स्थापित किए गए हैं। जिसके चलते यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के करीब 28223 चालान काटे गए हैं। पीओएस मशीनों और एंड्रॉइड फोन के माध्यम से 425522 ई-चालान भी जारी किए गए। उल्लंघनकर्ताओं द्वारा लगभग 25% चालान का भुगतान ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से किया जा रहा है। हिमाचल पुलिस ने एल्को सेंसर, बॉडी वॉर्न कैमरा, लेजर स्पीड गन और कई आधुनिक उपकरण खरीदे हैं और इसका उपयोग यातायात पुलिस कर्मियों द्वारा दैनिक आधार पर किया जा रहा है। जिसके कई सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और चालू वर्ष के अंत तक यातायात दुर्घटनाओं में कमी आई है और दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या में भी कमी आई है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश पुलिस प्रदेश में हो रही सड़क वाहन दुर्घटनाओं को लेकर संवेदनशील है। इस वर्ष 1 जनवरी से 14 जुलाई की अवधि के दौरान पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में सड़क दुर्घटनाओं में 8%, सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतों में 14% और संबंधित चोटों में 18% की कमी आई है। सड़क सुरक्षा में विभिन्न एजेंसियों द्वारा सामूहिक प्रयास और टीम वर्क का होना आवशयक है जिसका लक्ष्य एक ही है, यानी,“सड़कों पर जीवन बचाना”। इस संबंध में, पुलिस, परिवहन विभाग और नागरिक निकाय जैसी कानून प्रवर्तन एजेंसियां हमारे शहरों मे पैदल यात्रियों के साथ-साथ वाहनों के लिए सुरक्षित बनाने की दिशा में कार्य करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतों को विश्व स्तर पर एक गंभीर सार्वजनिक खतरा माना जाता है और यह हमारे देश में बहुत गंभीर चिंता का विषय है। सड़क यातायात प्रबंधन और सड़क सुरक्षा से जुड़े हम सभी लोगों के लिए यह वास्तव में एक चिंताजनक स्थिति है।
बढ़ती दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए हिमाचल प्रदेश पुलिस को सड़क सुरक्षा निधि के तहत 7.34 करोड़ रुपये मिले।
परिवहन निदेशक, हिमाचल प्रदेश, शिमला ने हिमाचल प्रदेश पुलिस को 7,34,51,931 रुपये की राशि “सड़क सुरक्षा निधि” से जारी की है जिनका उपयोग : (1) यातायात उपकरणों की खरीद। (2) बीजरी और हमीरपुर में ट्रैफिक लाइट की स्थापना। (3) कीरतपुर-मनाली फोरलेन के लिए यातायात नियमन एवं बचाव उपकरण उपलब्ध कराने हेतु किया जाएगा । इस फंड का उपयोग सड़क सुरक्षा को मजबूत करने, सड़क सुरक्षा उपायों और गतिविधियों के कार्यान्वयन के लिए किया जाएगा। निम्नलिखित आधुनिक उपकरणों की खरीद के बाद, हिमाचल प्रदेश पुलिस 2030 तक सड़क यातायात में होने वाली मौतों और चोटों को कम से कम 50% रोकने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य के साथ संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा अपने प्रस्ताव पर निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रयास करेगी।















