हिमाचल प्रदेश की आर्थिक चुनौतियों के बीच एक संतुलित, दूरदर्शी और जनकेन्द्रित बजट- मुकेश शर्मा

Politics Solan

Dnewsnetwork
जोगिंद्रा बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत 54,928 करोड़ रुपए का बजट हिमाचल प्रदेश की आर्थिक चुनौतियों के बीच एक संतुलित, दूरदर्शी और जनकेन्द्रित बजट के रूप में पेश किया । रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट के बंद होने जैसी गंभीर परिस्थिति के बावजूद यह बजट विकास, सामाजिक न्याय और ग्रामीण सशक्तिकरण की स्पष्ट दिशा तय करता है। प्रदेश की लगभग 90% ग्रामीण आबादी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कृषि, बागवानी और पशुपालन क्षेत्र में ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। राज्य किसान आयोग के गठन की घोषणा किसानों की समस्याओं के समाधान की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

न्यूनतम समर्थन मूल्य में उल्लेखनीय वृद्धि इस बजट की सबसे बड़ी विशेषता है जिसमे गेहूं 60 रुपए से बढ़ाकर 80 रुपए प्रति किलो, मक्की ₹40 से बढ़ाकर ₹50 प्रति किलो ,कच्ची हल्दी ₹90 से बढ़ाकर ₹150 प्रति किलो, अदरक: पहली बार ₹30 प्रति किलो MSP तय , मछली ₹100 प्रति किलो MSP ऊन ₹100 प्रति किलो सपोर्ट प्राइस दुग्ध उत्पादकों को राहत देते हुए गाय के दूध का मूल्य ₹51 से बढ़ाकर ₹61 प्रति लीटर, भैंस के दूध का मूल्य ₹61 से बढ़ाकर ₹71 प्रति लीटर , मछुआरों को ₹3,500 की एकमुश्त सम्मान निधि और गद्दी समुदाय के लिए ₹300 करोड़ की ‘पहल योजना’ ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन को मजबूती देने वाले ठोस कदम हैं।

सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में बड़े फैसले 1 लाख अति गरीब महिलाओं को ₹1,500 प्रतिमाह सहायता, 1 लाख गरीब परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली, 100% दिव्यांगजनों की पेंशन ₹1,700 से बढ़ाकर ₹3,000 यह निर्णय सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। सरकार ने स्वास्थ्य, शिक्षा, पेंशनरों, श्रमिकों और कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए योजनाओं को जारी रखने और मजबूत करने पर जोर दिया है। कर्मचारियों एवं श्रमिकों के वेतन में वृद्धि से उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और राज्य की मांग आधारित अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा। पर्यटन क्षेत्र को गति देने के लिए 24 घंटे दुकानें खोलने की अनुमति,धार्मिक पर्यटन के लिए ₹250 करोड़ का प्रावधान ये निर्णय हिमाचल प्रदेश को पर्यटन हब के रूप में और सशक्त करेंगे तथा स्थानीय व्यापारियों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाएंगे। समग्र रूप से यह बजट सीमित संसाधनों के बावजूद ₹54,928 करोड़ के प्रभावी प्रबंधन, ग्रामीण फोकस, मजबूत सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक संतुलन का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह बजट न केवल वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करता है, बल्कि हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर, समृद्ध और संतुलित विकास की दिशा में आगे बढ़ाने का मजबूत आधार भी तैयार करता है। जोगिंद्रा बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत 54,928 करोड़ रुपए का बजट हिमाचल प्रदेश की आर्थिक चुनौतियों के बीच एक संतुलित, दूरदर्शी और जनकेन्द्रित बजट के रूप में पेश किया । रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट के बंद होने जैसी गंभीर परिस्थिति के बावजूद यह बजट विकास, सामाजिक न्याय और ग्रामीण सशक्तिकरण की स्पष्ट दिशा तय करता है।

प्रदेश की लगभग 90% ग्रामीण आबादी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कृषि, बागवानी और पशुपालन क्षेत्र में ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। राज्य किसान आयोग के गठन की घोषणा किसानों की समस्याओं के समाधान की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। न्यूनतम समर्थन मूल्य में उल्लेखनीय वृद्धि इस बजट की सबसे बड़ी विशेषता है जिसमे गेहूं 60 रुपए से बढ़ाकर 80 रुपए प्रति किलो, मक्की ₹40 से बढ़ाकर ₹50 प्रति किलो ,कच्ची हल्दी ₹90 से बढ़ाकर ₹150 प्रति किलो, अदरक: पहली बार ₹30 प्रति किलो MSP तय , मछली ₹100 प्रति किलो MSP ऊन ₹100 प्रति किलो सपोर्ट प्राइस दुग्ध उत्पादकों को राहत देते हुए गाय के दूध का मूल्य ₹51 से बढ़ाकर ₹61 प्रति लीटर, भैंस के दूध का मूल्य ₹61 से बढ़ाकर ₹71 प्रति लीटर , मछुआरों को ₹3,500 की एकमुश्त सम्मान निधि और गद्दी समुदाय के लिए ₹300 करोड़ की ‘पहल योजना’ ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन को मजबूती देने वाले ठोस कदम हैं।

सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में बड़े फैसले 1 लाख अति गरीब महिलाओं को ₹1,500 प्रतिमाह सहायता, 1 लाख गरीब परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली, 100% दिव्यांगजनों की पेंशन ₹1,700 से बढ़ाकर ₹3,000 यह निर्णय सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। सरकार ने स्वास्थ्य, शिक्षा, पेंशनरों, श्रमिकों और कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए योजनाओं को जारी रखने और मजबूत करने पर जोर दिया है। कर्मचारियों एवं श्रमिकों के वेतन में वृद्धि से उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और राज्य की मांग आधारित अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा। पर्यटन क्षेत्र को गति देने के लिए 24 घंटे दुकानें खोलने की अनुमति,धार्मिक पर्यटन के लिए ₹250 करोड़ का प्रावधान ये निर्णय हिमाचल प्रदेश को पर्यटन हब के रूप में और सशक्त करेंगे तथा स्थानीय व्यापारियों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाएंगे। समग्र रूप से यह बजट सीमित संसाधनों के बावजूद ₹54,928 करोड़ के प्रभावी प्रबंधन, ग्रामीण फोकस, मजबूत सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक संतुलन का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह बजट न केवल वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करता है, बल्कि हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर, समृद्ध और संतुलित विकास की दिशा में आगे बढ़ाने का मजबूत आधार भी तैयार करता है।

News Archives

Latest News