DNN सोलन, 24 जनवरी:
जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र शर्मा की अदालत ने हत्या के आरोपी एक नेपाली मूल के व्यक्ति को दोषी करार देते हुए, उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोषी को 10 हजार रुपए का जुर्माना भी अदा करना होगा। दोषी ने करीब 5 वर्ष पूर्व सोलन-सुबाथू मार्ग पर शील गांव में एक दुकानदार की हत्या की वारदात को अंजाम दिया था।

सरकार की ओर से मामले की पैरवी करने वाले जिला न्यायवादी महेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि घटना 5 अक्तूबर-2017 की है। उस रोज सोहन लाल निवास गांव शील ने पुलिस को सूचना दी कि उसके पिता शील गांव में ही सड़क के किनारे दुकान चलाते हैं और दुकान के सामने रहने वाले एक व्यक्ति ने उन्हें बताया है कि उनके पिता दुकान के भीतर अचेतावस्था में पड़े हुए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पाया कि रक्तरंजित हालत में दुकानदार मदन लाल मृत हालत में बिस्तर पर पड़ा हुआ है और उसके साथ ही एक लोहे का पान्ना भी है जो संभवता हत्या के आरोपी ने वारदात के समय इस्तेमाल किया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर शव को कब्जे में लिया और जांच आरंभ कर दी। जांच में पाया गया कि मृतक दुकान के भीतर शराब बेचने और जुआ खेलने का कार्य भी करता था और कई नेपाली लोग वहां पर अक्सर आते रहते थे। इसी बीच शक के आधार पर पुलिस ने नेपाली मूल के एक व्यक्ति राम बहादुर पुत्र पूर्ण बहादुर को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया और उसने अपना गुनाह कबूल करते हुए कहा कि घटना की रात उसने मृतक के साथ नशे का सेवन किया और बाद में किसी बात को लेकर उससे झगड़ा हो गया। उसने मौके पर मिले लोहे के पान्ने से उसके सिर पर वार किया और फरार हो गया।
मामले की पुलिस जांच कर रहे तत्कालीन इंस्पेक्टर रवींद्र कुमार ने फारेंसिक रिपोर्ट सहित तमाम तथ्य और 18 गवाह अदालत में पेश किए, जिससे अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा और 10 हजार रुपए जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई।















