DNN शिमला
01 अप्रैल। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय किन्नौर स्थित रामपुर की अदालत ने एक अहम फैसला सुनाते हुए हत्या के आरोप सिद्ध होने पर दोषी 25 वर्षीय अनिल पुत्र तारा चंद गांव कुहल डाकघर देवठी तहसील रामपुर बुशहर जिला शिमला को उम्रकैद व 2 लाख रूपए जुर्माने की सजा सुनाई है।
जानकारी देते हुए उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने बताया कि 20 मार्च 2018 को अनिल अपने गांव के अन्य साथियों के साथ भेड़ बकरिया चराने झुमकराई जंगल गए हुए थे। इस दौरान कली दास गांव कापटी तहसील रामपुर जिला शिमला भी अपनी भेडों को चराने के लिए उसी जंगल में गया हुआ था। जहां पहले सभी ने मिलकर शराब पी और शाम करीब 5 बजे अनिल व उसके साथी अपने गांव की तरफ निकल गए। इस दौरान कली दास भी अपनी भेंडो को लेकर घर की ओर निकल गया। इसके बाद थोडा आगे जाने पर अनिल वापिस कली दास से बीड़ी मांगने के बहाने मुड गया। जहां पर अनिल और कली दास के बीच किसी पुराने लेनदेन को लेकर बहस हो गई। बहस बढ़ी और अनिल ने कली दास पर हमला कर उसे जान से मार दिया। साथ ही उसने कली दास की जेब में रखे हुए 20 हज़ार रुपये भी चुरा लिएए जो बाद मे छानबीन के दौरान उसके घर से बरामद हुए।
घटना की सूचना मिलने के बाद झाकड़ी पुलिस थाना में इस बारे आईपीसी कि धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया गया और पुलिस थाना प्रभारी झाकड़ी जीत राम ने तफ्तीश अमल में लाई। सभी साक्षयों को इकत्रित करने व गवाहों के ब्यान कलमबंद करने के बाद सभी पांच अभियुक्तों के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया गया। वहीं मुकदमें की पैरवी के दौरान 20 गवाहों के बयान कलमबंद किए गए और साक्षयों के आधार पर चार आरोपियों को बरी किया गया और अनिल शेटी को कली दास की हत्या का दोषी पाया गया। साथ ही दोष साबित होने पर अनिल शेटी को उम्रकैद व 2 लाख रुपये जुर्माना अदा करने कि सजा सुनाई गई। उक्त 2 लाख रुपयों की राशि पीडित परिवार को मुआवजे के तौर पर दी जाएगी। इस मामले की पैरवी उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने की।















