सोलन में दिनोंदिन बढ़ रही है बेसहारा पशुओं की संख्या

Himachal News Others Solan

DNN सोलन (श्वेता भारद्वाज)

जिला सोलन में सड़कों पर गौमाता बेसहारा घूम रही हैं और यहां इसके लिए कोई व्यवस्था नहीं बनाई गई है। दिनोंदिन बेसहारा पशुओं की संख्या बढ़ती जा रही है, जबकि सरकार व प्रशासन को इसकी भी कोई जानकारी नहीं है कि इन गायों का मालिक कौन है और कौन इन्हें सड़कों पर लावारिस छोड़ रहा है। गौर हो कि लोग गायों को तब तक अपने पास रखते हैं और जब वह दूध देना बंद कर देती है तो उसे सड़कों पर छोड़ देते हैं, जो बिलकुल गलत है। इस समय जिला में सैकड़ों गाएं शहरों व गांवों के आसपास सड़कों पर लावारिस छोड़ी गई हैं। इन गायों के रहने का कोई स्थाई ठिकाना नहीं हैं और धूप, बारिश व सर्दी के मौसम में सड़कों पर ही पड़ी रहती हैं। अधिकतर गाय सड़कों पर दुर्घटनाओं का शिकार भी हो जाती है। यही नहीं यह लावारिस पशु किसानों की फसलों को भी काफी नुकसान पहुंचा रहे हैं।

सड़कों पर बीमार, भूखी प्यासी व दुर्घटनाओं का शिकार हो रही गायों की दुर्दशा को देखते हुए प्रदेश सरकार ने इन गायों के लिए गौशालाएं और अभ्यारण्य बनाने के निर्देश तो दिए थे लेकिन जमीनी स्तर पर इसका कोई असर नहीं हो रहा है। सोलन में पिछले कुछ समय से सड़कों पर लावारिस गायों की संख्या बढ़ती जा रही है। सोलन के बाईपास पर सब्जी मंडी के आसपास यह सड़कों पर घूमती देखी जा सकती हैं और इससे कई बार जाम जाता है और दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। सरकार ने पशुओं के पंजीकरण के लिए कोई सख्त निर्देश नहीं दिए हैं, जिससे इन पशुओं के मालिकों का पता ही नहीं चल पाता। कुछ वर्ष पहले पशुओं को टैटु लगाकर पंचायतों में पंजीकरण किया गया था, लेकिन कुछ समय बाद ही यह योजना ठप हो गई। विभाग व पंचायतें पशुओं के पंजीकरण के लिए सख्ती से कार्य नहीं कर रही हैं।

नगर परिषद अध्यक्ष देवेंद्र ठाकुर ने कहा कि सोलन शहर के सभी वार्डों में लावारिस गायों को रखने के लिए गौशालाएं बनाने की योजना है। इसके बाद इन गायों को इन गौशालाओं में रखा जाएगा। नगर परिषद में आयोजित कार्यशाला में सोलन के सभी वार्डों में गौशालाएं बनाए जाने को लेकर चर्चा हुई थी।

 

News Archives

Latest News