सालों तक मृत मां की पेंशन डकारता रहा सरकारी कर्मचारी, अन्य मामले में 3 पर भी धोखाधड़ी का केस दर्ज

Crime Sirmaur

DNN नाहन। सिरमौर जिला मुख्यालय नाहन में एक ओर जहां मृत मां की सालों तक एक सरकारी कर्मचारी बेटे द्वारा पेंशन डकारने का मामला सामने आया है, तो वहीं एक अन्य मामले में पुलिस ने फर्जी हिमाचली व कृषक प्रमाण पत्र बनाकर कृषि भूमि खरीदने के मामले में 3 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
धोखाधड़ी के पहले मामले में जिला कोषाधिकारी ने पुलिस को सौंपी शिकायत में कहा कि स्व. मीना देवी द्वारा पंजाब नेशनल बैंक के माध्यम से पेंशन ली जा रही थी। अगस्त 2021 में पेंशन खाते में क्रेडिट नहीं हुई। इसी बीच पीएनबी की शिमला शाखा ने कार्यालय को बैंकर चेक प्रेषित किया। जब बैंक को संपर्क किया गया तो सूचित किया कि मीना देवी की मृत्यु 5 अक्तूबर 2018 को हो चुकी है। जांच में पता चला कि पेंशनधारी महिला के फर्जी जीवंत प्रमाण पत्र को कार्यालय में प्रस्तुत किया जा रहा था। इसी के आधार पर पेंशन जारी हो रही थी। लिहाजा जिला कोषाधिकारी कार्यालय ने इस मामले को पशुपालन विभाग के सहायक निदेशक के समक्ष उठाया। दो जनवरी 2020 को सत्यापित किए गए प्रमाण पत्र के बारे में सहायक निदेशक ने अवगत करवाया कि इस तरह का कोई भी प्रमाणपत्र सत्यापित नहीं किया गया है। इस पूरे घटनाक्रम से ट्रेजरी, अकाउंटस व लॉटरीज निदेशक को अवगत करवाया गया। वहां से इस मामले में एफआईआर दर्ज करवाने के निर्देश दिए गए। जांच में पता चला कि आरोपी संजय सोढ़ी ने पेंशनभोगी माता की 2018 में मृत्यु के बाद भी 2021 तक जीवित होने का फर्जी प्रमाणपत्र देकर पेंशन हासिल की।
वहीं धोखाधड़ी का दूसरा मामला भी सदर थाना पुलिस में ही दर्ज हुआ है। पुलिस को सौंपी शिकायत में दिनेश चौहान ने आरोप लगाया कि संजीव सैनी, राकेश सैनी व राजीव सैनी ने मियां का मंदिर नाहन में खसरा नंबर 200 से 203, 449 से 453 में 13358 वर्ग मीटर रिहायशी संपत्ति खरीदी है। जबकि यह सभी गैर कृषक हैं। इन सभी ने कृषि योग्य भूमि में बगीचा लगाने के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश सरकार से धारा 118 के तहत टेनेंसी एंड लैंड रिफॉर्म्स एक्ट के तहत आवेदन किया और हिमाचल प्रदेश सरकार के पत्र संख्या 10-295/2000 में 29 जून 2001 को अनुमति प्राप्त की।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि राकेश सैनी और संजीव सैनी के अपात्र होते हुए तहसील कार्यालय नाहन से फर्जी तरीके से हिमाचली और कृषक प्रमाण पत्र प्राप्त किए। मिथिलेश सैनी व संजीव सैनी ने फर्जी तौर पर कृषक प्रमाण पत्र बनवाए। राकेश सैनी ने कार्यकारी अधिकारी नाहन के समक्ष झूठे तथ्य और झूठा शपथ पत्र देकर नौणी के बाग में 16 जून 2005 को भूमि खरीदी। इस पर नाहन सदर नाहन पुलिस ने धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आगामी छानबीन शुरू कर दी है।
दोनों मामलों की पुष्टि एसपी सिरमौर ओमापति जमवाल ने की है। उन्होंने बताया कि पुलिस दोनों ही मामलों की जांच कर रही है।

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