DNN सोलन
09 अप्रैल हिमाचल की शिक्षा की दुनियां में कुछ और बेहतरी के लिए एक और अध्याय जुड़ने जा रहा हैब्रिज कला एकेडमी समाज में काम की दुनियां की जरुरतों को देखते हुए कौषल शिक्षा के क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाली और आने वाली नई नई तकनीकों को शिक्षा के माध्यम से लेकर आ रहे हैं।
एकेडमी का विधिवत उद्घाटन आज द्वीप प्रज्जवलित कर के किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रुप में एकेडमी के फाउंडर कैलाश चांदना, क्रिएटिव डायरेक्टर सना चांदना कपूर और मशहूर टीवी एक्टर दीप जेटली ने एकेडमी की तैयारियों को लेकर व बच्चियों के उज्जवल भविश्य के सहायतार्थ, इसकी आधिकारिक सूचना कई गणमान्य लोगों की उपस्थिति में एक संवाददाता सम्मेलन के माध्यम से दी।
अकादमी कौशल के क्षेत्रों में उभरते हुए नौजवानों को शिक्षित करके अपनी जीविका के लिए समर्थ बनाने के लिए कोशिश करने जा रहे है।
ब्रिज कला एकेडमी के संस्थापक कैलाश चांदना ने यहां के कमजोर वर्ग की बालिकाओं को समाज में समर्थ स्थान दिलाने की इच्छा ज़ाहिर की और इसको ध्यान में रखते हुए घोषणा की कि यहां के सरकारी स्कूलों में 10वीं पास 21 बालिकाओं को वो हुनर सीखने में निशुल्क मदद करेंगे जिनका उन तकनीकों को सीखने का ज़नून हो और शुरुआती जानकारियां हों।
ब्रिज कला एकेडमी के संस्थापक कैलाश चांदना ने कहा कि हमारा हिमाचल में आने की एक खास वजह यह भी है कि हिमाचल के सीएम ने पिछले साल एक सरकारी घोशणा में फिल्म इंडस्ट्री व फैशन के लोगों को हिमाचल में काम करने का आमंत्रण और आश्वासन दिया था कि यहां पर काम करने के अच्छे व सुविधापूर्ण हालात दिए जांएगंे।
ब्रिज कला अकादमी द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि युवाओं को हर साल वर्क फोर्स में शामिल किया जा सके। एकेडमी के इस उद्देश्य के तहत युवाओं को कंप्यूटर कोडिंग, विडियो एडिटिंग, फोटोग्राफी, फिल्म मेकिंग, प्रोडक्शन, फैशन डिजाइनिंग, मॉडलिंग, ब्यूटी, मेकअप, साउंड इंजीनियरिंग, सोशल मीडिया एंड मार्केटिंग जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। यह सब तकनीकें समाज को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। समाज व प्रदेष को ओर मजबूत करने की भावना के साथ ब्रिज कला आप सभी का आपके एक अच्छे सहयोग की उम्मीद के साथ स्वागत करती है। हिमाचल में युवाओं में काम करने का जोश व यहां के लोग खासकर युवा पीढ़ी आत्मसम्मान के साथ अपनी मेहनत से अपनी जिदंगी की जरुरतों को पूरा करने की ख्वाहिष रखते हैं और समर्थ बनना चाहते हैं। एकेडमी उनकी इस कोषिश में अपना सहयोग करना चाहती है ताकि वह युवाओं को रोजगार देने के साथ उन्हें उनके आत्मसम्मान के साथ काबिल बना सके। ताकि वे अपनी योग्यताओं का इस्तेमाल करते हुए खुद साथ-साथ दूसरे के लिए रोजगार उत्पन्न कर सके।















