डीएनएन सोलन
प्रदेश सरकार बेशक विभिन्न कामों के लिए 100 दिनों का लक्ष्य लेकर चली है, लेकिन यह सच्चाई है कि सरकार में विभिन्न कामों के लिए होने वाली कागजी औपचारिकताएं इतनी ज्यादा है कि हर काम इस समय अविध में होना फिलहाल संभव नजर नहीं आ रहा है। ताजा उदाहरण सोलन में हिमाचल पथ परिवहन निगम को दी गई इलेक्ट्रिक टैक्सियां है। चुनावों से पहले निगम को दी गई यह टैक्सियां आज तक सड़क पर दौड़ नहीं आई है। पहले अचार संहिता के चलते काम रुका रहा अब औपचारिकता में फाइल फंसी है। नतीजा तीन माह बीत जाने के बाद भी इन टैक्सियों को नहीं दौड़ा पाया है। बताया जा रहा है कि इन टैक्सियों को रूट परमिट न मिलने के चलते अभी वर्कशॉप पर ही खड़ा किया गया है। जानकारी के अनुसार करीब तीन माह पहले सोलन डिपो को तीन गाडि़यां दी गई थीं। अभी तक निगम को रूट परमिट न मिलने के कारण निगम इन टैक्सियों को शहर में नहीं चला पाया है। विधानसभा चुनाव से पहले इन गाडि़यों को प्रदेश के सभी डिपो में निगम ने लोकल रूटों पर चलाने की योजना बनाई थी। आचार संहिता लगने के चलते इन टैक्सियों को रूट परमिट नहीं मिल पाया था, लेकिन अब नई सरकार बनने के बाद भी यह टैक्सियां वर्कशॉप पर धूल हांफ रही हैं। विभाग ने रूट परमिट के लिए आवेदन किया है, लेकिन अभी तक एचआरटीसी को रूट परमिट नहीं मिल पाए हैं, जिसके चलते ये कारें विभाग को वर्कशॉप पर खड़ी करनी पड़ रही हैं।
