DNN कुल्लू 10 जनवरी।
देश व प्रदेश के साथ जिला में बढ़ते ओमीक्राॅन वेरियंट के मामलों पर नियंत्रण पाने के उद्देश्य से जिला दण्डाधिकारी आशुतोष गर्ग ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धार 34 तथा सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला में कुछ वंदिशें लगाई गई हैं।

जिला में रात्रि 10 बजे से प्रातः 5 बजे तक कफ्र्यू रहेगा जिसका प्रत्येक व्यक्ति को प्रभावी ढंग से पालन करना होगा। हालांकि आपात अथवा आवश्यक सेवाओं में तैनात वाहनों अथवा व्यक्तियों पर यह प्रतिबंध नहीं होगा।

आदेश के अनुसार इण्डोर अथवा कवर क्षेत्र में क्षमता का 50 प्रतिशत यानि अधिकतम 100 व्यक्तियों जो दोनों में न्यूनतम हो, को एकत्र होने की अनुमति होगी जबकि खुले स्थानों में 300 लोग एकत्र हो सकेंगे। इस प्रकार की भीड़ में कोविड-19 के नियमों की सख्ती के साथ अनुपालना करनी होगी। इस प्रकार के समारोह अथवा आयोजन के संबंध में आयोजक को समारोह का विवरण ीजजचरूध्बवअपकण्ीचण्हवअण्पद पर अग्रिम तौर पर पंजीकृत करना अनिवार्य होगा।
जिला के समस्त स्थानों में लंगर, धाम अथवा सार्वजनिक रसोई पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा। सभी रेस्तरां, पब, ढाबे 50 प्रतिशत क्षमता के साथ कार्य करेंगे।
जिला में सभी दुकानें, मण्डियां तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठान सांय 6.30 बजे तक की खुले रहेंगे। हालांकि दवाई की दुकानों अथवा फार्मेसीज पर इस प्रकार का कोई प्रतिबंध नहीं होगा।
आदेश मंे कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति इन नियमों तथा कोविड-19 उपयुक्त व्यवहार की उल्लंघना करता है तो उसके विरूद्ध आपदा प्रबंधन नियम के तहत कड़ी कारवाई की जाएगी।
जिलाभर में यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं और आगामी 24 जनवरी तक प्रभावी रहेंगे।
कांगड़ा जिला में दुकानें रात सात बजे तक ही खुली रहेंगी
DNN धर्मशाला, 10 जनवरी। कोविड से निपटने के लिए जिला दंडाधिकारी डा निपुण जिंदल ने आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कांगड़ा जिला में सभी बाजारों को रात सात बजे से लेकर सुबह पांच बजे तक बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं इसमें ढाबों इत्यादि को रात दस बजे तक खुले रखने के आदेश किए गए हैं जबकि मेडिसन की दुकानें 24 घंटे खुली रह सकती हैं। इसके अतिरिक्त कांगड़ा जिला में रविवार को सभी बाजार बंद रखने के भी आदेश जारी किए गए हैं।
जिला दंडाधिकारी द्वारा सभी शैक्षणिक संस्थानों, स्कूल, कालेज, विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग, बहुतकनीकी संस्थानों, आईटीआई, कोचिंग संस्थानों, आवासीय विद्यालयों को 26 जनवरी तक बंद रखने के आदेश दिए गए हैं इसमें कोविड प्रोटोकॉल की अनुपालना के साथ नर्सिंग तथा मेडिकल कालेज खुले रहेंगे। सभी सरकारी कार्यालयों, पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग, स्थानीय निकाय व स्वायत्त संस्थाओं में फाइव डे वीक की व्यवस्था भी लागू की गई है इसके अतिरिक्त कार्यालयों में पचास फीसदी कर्मचारी ही क्रमवार आएंगे जबकि आवश्यक सेवाओं से संबंधित विभागों में यह बंदिशें लागू नहीं होंगी।
आदेशा के अनुसार लंगर, धाम, सामूहिक किचन पर पूर्णतय रोक रहेगी। खेल शैक्षणिक मनोरंजन तथा सांस्कृतिक व राजनीतिकक गतिविधियों के लिए इंडोर में पचास फीसदी क्षमता के साथ अधिकतम सौ लोगों की मौजूदगी तथा आउटडोर में क्षमता के पचास फीसदी या अधिकतम तीन सौ लोगों के इकट्ठा होने की अनुमति रहेगी। इन आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करवाने के लिए पुलिस अधीक्षक कांगड़ा, सभी उपमंडलाधिकारियों, कार्यकारी दंडाधिकारी, विकास खंड अधिकारी, खंड चिकित्सा अधिकारियों को प्राधिकृत किया गया है, आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करने आदेश भी दिए गए हैं।















