DNN कोटखाई
सेब सीज़न में भाजपा सरकार द्वारा श्रमिकों को सरकारी खर्च से लाने के बड़े-2 वादे खोखले साबित हुए हैं वही अब बागवानों को निजी खर्चे पर मजदूरों को लाने के लिए समय पर पास भी जारी नही हो पा रहे हैं। यह बात ब्लॉक कांग्रेस कमेटी जुब्बल नावर कोटखाई के अध्यक्ष मोतीलाल डेरटा, कपिल ठाकुर, पवन सांवत, राकेश चौहान (नीटू), बृजेश चौहान, कमलेश ठाकुर, प्रताप चौहान, हरिदत्त, कृष्ण लाल काल्टा, प्रकाश शर्मा, नरिंदर डोगरा, प्रमोद चौहान, प्रशांत चौहान, जितेंदर मैहता, अनिल मोघटा, राजेंद्र मैहता, सुरेश चौहान, राजीव आज़ाद और राहुल शान्टा आदि ने सयुक्त ब्यान ज़ारी करते हुए कही। उन्होंने कहा कि यदि सरकार बागवानों की मदद नहीं कर सकती तो कम से कम बाधा भी ना डालें। श्रमिकों के पास बनवाने की प्रक्रिया में बागवानों को कई दिनो तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं जिससे उनके बहुमुल्य समय की क्षति हो रही हैं। सेब सीज़न के दौरान तहसीलदार कोटखाई को राजनीतिक द्वेषपूर्ण की भावना से स्थानांतरण किए जाने से भी श्रमिकों के पास बनवाने में बागवानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं। उन्होंने सरकार से तहसीलदार कोटखाई के पद को जल्द से जल्द भरने की मांग की हैं। समय पर श्रमिकों का प्रबंध न होने से बागवानों को सेब व अन्य जल्दी नष्ट होने वाले फ़ल उत्पादो के ख़राब होने का भय सताने लगा हैं। मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी अब सेब सीज़न शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास संस्थागत क्वारन्टीन केंद्र का अभाव व असुविधा के चलते जिन बागवानों के पास श्रमिकों को रखने के लिए उचित सुविधा उपलब्ध हैं उन्हें सरकार एहतिहात के साथ श्रमिकों को होम क्वारन्टीन करने की अनुमति दें।















