DNN सोलन
मां शूलिनी मेले में इस बारा माता के दर्शन के साथ साथ श्रद्धालुओं को खजाना भी मिलेगा। इस बार के राज्य स्तरीय शूलिनी मेले में नया इतिहास जुडऩे जा रहा है। मेले के दौरान इस बार माता शूलिनी के नाम से सिक्का जारी होगा। यह सिक्के आम लोगों को प्रसाद के साथ दिए जाएंगे। वैष्णो देवी साइन बोर्ड की तर्ज पर मां शूलिनी सेवा समिति सोलन यह सिक्के लोगों को देगी। इसलिए करीब 50 हजार सिक्के बनवाए जा रहे है। समिति हर वर्ष मेले में यह एलमुनियम के सिक्के लोगों को प्रसाद के साथ खजाने के तौर पर देगी।
जानकारी के अनुसार मां शूलिनी सेवा समिति पिछले करीब 32 वर्षों से माता शूलिनी की शोभा यात्रा के दौरान डाला उठाने का कार्य करती है। इसके अलावा शोभायात्रा के दौरान भगवानों की विभिन्न झांकियां भी यह समिति ही तैयार करवाती है। हर वर्ष समिति लोगों के लिए कुछ न कुछ नया करती है। इस वर्ष से समिति मां शूलिनी के सिक्के छपवाने जा रही है। इस सिक्के पर माता शूलिनी का नाम सहित उनकी फोटो बनी होगी। इन सिक्कों को शुक्रवार को शोभा यात्रा के दौरान प्रसाद के साथ बांटने का कार्य शुरू होगा। इसके बाद मेले के अगले 2 दिन सिक्के शनिवार व रविवार को गंज बाजार स्थिति दुर्गा माता मंदिर में प्रसाद के साथ दिए जाएंगे। समिति ने इस बार मेले में करीब 15 हजार सिक्के बांटने की योजना तैयार की। जबकि 50 हजार सिक्के बनवाएं है। जरूरत पडऩे पर शेष बचे सिक्कों को भी बांटा जाएगा।
मां शूलिनी सेवा समिति के प्रधान मंजुल अग्रवाल ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि वैष्णो देवी साइन बोर्ड की तर्ज पर मां शूलिनी मेले को यादगार बनाने के लिए इस साल से प्रसाद में सिक्के बांटे जाएंगे। समिति करीब 50 हजार सिक्के बनवा रही है। उन्होंने कहा कि पहले चांदी के सिक्के बनवाने की योजना थी, लेकिन उन सिक्को को बनने में काफी ज्यादा समय लगने के कारण अब एलमुनियम के सिक्के बनवाए जा रहे है।




















