DNN नाहन (अब्दुल)
16 मार्च हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ जिला सिरमौर इकाई ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को भेजे एक ज्ञापन में शिक्षकों से जुड़ी विभिन्न मांगों का जल्द से जल्द समाधान करने की गुहार लगाई है। इस सिलसिले में शिक्षक महासंघ जिला इकाई का एक प्रतिनिधिमंडल महासंघ के जिला अध्यक्ष विजय कंवर के नेतृत्व में जिला शिक्षा उपनिदेशक उच्च से मिला और उन के माध्यम से एक 14 सूत्रीय मांग पत्र मुख्यमंत्री को भेजा।शिक्षक महासंघ जिला इकाई के जिला अध्यक्ष विजय कंवर ने बताया कि मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की मांग की गई। उन्होंने कहा कि महासंघ लगातार सरकार से इस को उठाता आ रहा है। ऐसे में उम्मीद है कि जल्द सरकार पुरानी पेंशन योजना को बहाल करेगी। जिलाध्यक्ष ने मांग करते हुए कहा कि सरकार छठे वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर कर पंजाब की तर्ज पर इनिशियल वेतन प्रदान कर पंजाब और हिमाचल प्रदेश के कर्मचारियों के वेतन को सम्मान कर हिमाचल प्रदेश के कर्मचारियों के आत्मसम्मान को बहाल करें। इसके साथ-साथ राइडर को समाप्त कर ग्रेड पे के आधार पर ने वेतन को फिक्स किया जाए। उन्होंने बताया कि इसी तरह शिक्षकों की कई मांगों का जिक्र करते हुए सरकार से जल्द से जल्द उन्हें पूरा करने की मांग की गई है।विजय कंवर, जिला अध्यक्ष, शिक्षक महासंघ इसके अलावा ज्ञापन में 4-9-14 के लाभ से वंचित सभी कर्मचारियों को 4-9-14 का लाभ प्रदान करने हेतु इसे पुनः बहाल करने, विद्यालयों में रिक्त पड़े पदों को भर कर शिक्षण अधिगम प्रक्रिया को गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी बनाने, एसएमसी, कंप्यूटर शिक्षकों, व्यवसायिक शिक्षकों और सभी आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए तर्कसंगत नीति बनाकर उन्हें नियमित कर मुख्यधारा में लाने, जेबीटी की भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र अति शीघ्र पूरा कर प्राथमिक विद्यालयों में एक कक्षा के लिए एक शिक्षक की नियुक्ति करने, प्राथमिक केंद्र पाठशाला के स्तर पर एक लिपिक का पद सृजित कर भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के मुताबिक भर्ती कर कार्यालय से संबंधित कार्य को सुगम बनाने की मांग भी की है। इसके साथ-साथ महासंघ ने ज्ञापन में सरकार से माध्यमिक विद्यालय के स्तर पर मुख्य अध्यापक एवं लिपिक का पद सृजित करने, एचटी की वेतन वृद्धि वंचित अध्यापकों को भी देने, कंप्यूटर विज्ञान प्रवक्ता के पद अन्य विषयों के अनुसार हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा भरने, प्रधानाचार्य के प्रमोशन को नियमित करने व बोर्ड परीक्षाओं का मानदेय नगद परीक्षा समाप्ति तक देने की गुहार भी लगाई गई।















