DNN शिमला
24 नवम्बर साइबर अपराधियों ने आनलाईन खरीददारी करने वाले लोगों को ठगने का अनोखा तरीका ईजाद किया है। इसके तहत बिना ऑर्डर किए ही कैश ऑन डिलिवरी का पार्सल व्यक्ति के घर आता है और जब व्यक्ति इसे लेने से इनकार करते हैं तो ऑर्डर कैंसल करने के लिए ओटीपी मांगा जाता है। जैसे ही व्यक्ति ओटीपी बताता है तो कुछ ही सैकेन्ड में उसके खाते से रकम उड़ जाती है।
साइबर क्राइम शिमला के एएसपी भूपेंद्र सिंह नेगी ने एडवाइजरी जारी करते हुए आमजन से साइबर ठगों के झांसे में आने से बचने के लिए जागरूक व सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आमजन जागरुकता से ही साइबर अपराधियों के चंगुल में आने से बच सकते हैं। इन ठगो से बचने का सबसे बडा उपाय जागरुकता है।
उन्होंने कहा कि शातिरों ने साइबर ठगी का नया तरीका ढूंढा है। साइबर ठगों द्वारा किसी व्यक्ति के पते पर कोरियर के जरिए एक पार्सल भेजा जाता है जो उसने कभी ऑर्डर ही नहीं किया होता। ऐसे में व्यक्ति ऑर्डर रिसीव करने से मना कर देगा। इसके बाद असली खेल शुरू होता है।
दरअसल डिलिवरी बॉय उस पार्सल भेजने वाले को फोन लगाएगा जिसका नंबर ‘कस्टमर केयर’ के रूप में लेबल पर दिया होगा। पीड़ित की फोन पर बात कराई जाएगी। उसे समझाया जाएगा कि अगर ऑर्डर उसने नहीं किया तो कैंसिल करा सकता है। बस इसके लिए मोबाइल पर आया ओटीपी बताना होगा। पीछा छुड़ाने के लिए पीड़ित व्यक्ति जल्दबाजी में ओटीपी बता देता है और यहीं पर चूक हो जाती है। कॉल पर ओटीपी मिलते ही दूसरी ओर बैठे ठग शिकार का बैंक खाता खाली कर देते हैं।
एएसपी भूपेंद्र सिंह नेगी ने एडवाइजरी में कहा कि कोई भी ऑनलाइन ऑर्डर आने पर उसे सावधानी से रिसीव करें। बिना बुकिंग कोई भी पार्सल आने पर उसे लेने से साफ इनकार कर दें तथा किसी भी तरह का ओटीपी न बताये। कोई भी शक होने या ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें। इसके अलावा साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत कर सकते हैं।















