व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने वीरेंद्र कंवर को बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने तीन कृषि कानूनों को अस्थाई रूप से रिजर्व रखा है, न की खत्म किया है। ऐसे में मार्केट फीस दोबारा लगाना तर्कसंगत नहीं है। मार्केट फीस लगाने से महंगाई बढ़ती है, जिससे वस्तुओं की कीमतें 1-5 प्रतिशत तक बढ़ जाती हैं। अगर मार्केट फीस को हटा भी दिया जाए, तब भी सरकार को राजस्व में कोई ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है। ऐसे में सरकार उनकी मांग पर विचार करे तथा उचित फैसला ले।

















