DNN सोलन ब्यूरो (आदित्य सोफत)
08 अगस्त। हिमाचल प्रदेश में लहसुन इस बार धमाल मचाया हुआ है। लहसुन को विदेशों में मिलने वाले रेट इस बार सोलन सब्जी मंडी में ही मिल रहे हैं। इस के चलते किसान खुश भी है। इस बार लहसुन की पैदावार हैरान कर देने वाली है और थोक मात्रा में लहसुन मंडियों तक पहुंच रहा है।
इस बार प्रदेश में लहसुन की बम्पर पैदावार हुई है और लहसुन रोजाना काफी मात्रा में सोलन मंडी में पहुंच रहा हैं। कोरोना वायरस व लॉकडाउन के चलते इस बार लहसुन विदेशो तक नहीं पहुंच पाया है। इसके बाबजूद किसानों को इसका कोई नुकसान नहीं हुआ है। बल्कि, किसान अपने ही देश में बिक रहे लहसुन व उस पर मिलने वाले दामों को लेकर को लेकर चिंतित नहीं है। अपने देश में हुई पैदावार व यही इस फसल की बिक्री को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वाबलंबन योजना का सपना भी सोलन के किसानों ने साकार कर दिया है। बता दे की पिछले वर्ष लहसुन को इजराइल व अन्य देशों में भेजा गया था। जहां पर किसानों को इसके 150 रुपए प्रतिकिलो रेट मिला था, लेकिन इस वर्ष यही रेट सोलन सब्जी मंडी में मिल रहा है, जोकि किसानों के लिए एक बेहतर बात है।
सोलन सब्जी मंडी में अभी तक पहुंचा 2663 मीट्रिक टन लहसुन
करोड़ो रुपयों का व्यापर करने वाली सब्जी मंडी सोलन में अभी तक 2663 मीट्रिक तन लहसुन पहुंच चूका चूका है। पिछली बार की बात की जाए तो पुरे वर्ष में सोलन सब्जी मंडी में 3487 मीट्रिक टन लहसुन पहुंचा था और वर्तमान स्थिति के अनुसार 824 मीट्रिक टन की कमी है परन्तु अभी लहसुन का सीजन बचा हुआ है। दिसंबर माह तक लहसुन आता रहता है।
क्या कहते है सब्जी मंडी सोलन सचिव
सोलन सब्जी मंडी के सचिव आरके शर्मा का कहना है कि इस बार लहसुन की अधिक पैदावार हुई है और अभी तक सब्जी मंडी में पहुंचे लहसुन की खेप भी हैरान कर देने वाली है। वर्तमान में लहसुन की खेप केवल पिछले साल की मुताबिक 824 मीट्रिक टन कम है, लेकिन अभी लहसुन का सीजन काफी समय तक चलना है, जोकि काफी ऊपर रहेगा। साथ ही इस वर्ष एक प्रतिशत लहसुन विदेश नहीं भेजा है। इसके बाबजूद विदेशों में मिलने वाला रेट सोलन सब्जी मंडी में ही मिल रहा है।















