DNN कुल्लू
30 अक्तूबर। शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति बच्चों के सर्वांगीण विकास करने तथा उन्हें स्वरोजगारपरक बनाने में मददगार होगी। यह नीति देश को आत्मनिर्भर बनाने और आने वाले समय में विश्व समाज को नया रास्ता दिखाने वाली होगी। वह आज मनाली से वीडियो काॅन्फ्रेसिंग के माध्यम से द्रोणाचार्य काॅलेज कांगड़ा द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर आयोजित दो दिवसीय सैमीनार को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि भारतवर्ष में तक्षशिला व नालंदा जैसे विश्वविद्यालय थे, जहां बच्चों में संस्कारयुक्त व रोजगारपरक शिक्षा प्रदान करने के साथ-2 उनका सर्वांगीण विकास किया जाता था। उन्होंने कहा कि लाॅर्ड मैकाले का काल भारत वर्ष के लिए काला इतिहास था जब उन्होंने इस देश में पश्चिमी मूल्यों वाली व समाज को तोड़ने वाली शिक्षा प्रणाली को प्रोत्साहित किया ताकि अंग्रेज सदियों तक भारतवर्ष पर राज कर सकें।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति देश को दी है वह देश व समाज में बड़ा बदलाव लाएगी। देश फिर से विश्व गुरू बनने की राह पर अग्रसर होगा। उन्होंने कहा कि 2030 तक प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तायुक्त शिक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित बनाई जाएगी। यह नीति सबके कल्याण की कल्पना करती है।















