मामले दर्ज करने से नहीं घबराने वाली कांग्रेस बोले कुलदीप राठौर जनहित के मुद्दों पर वह जेल जाने को भी तैयार

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DNN शिमला

कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने उनके सचिवालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन के बाद उन समेत पार्टी नेताओं पर बनाये गए पुलिस मामलों की आलोचना करते हुए कहा है कि वह इससे कदापि घबराने वाले नही। उन्होंने कहा है कि जनहित के मुद्दों पर वह जेल जाने को भी तैयार है।सरकार कांग्रेस की आवाज को दबा नही सकती।
आज राजीव भवन में मीडिया के साथ बातचीत में कुलदीप राठौर ने मुख्यमंत्री के आरोप को पूरी तरह नकारते हुए कहा है कि कोविड 19 के चलते कांग्रेस ने कभी भी प्रदेशवासियों की घर वापसी का कोई विरोध नही किया है और न ही आज कर रही है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस ने तो बड़ी मजबूती के साथ इन्हें यहां लाने की मांग की थी।उन्होंने मुख्यमंत्री को सलाह दी कि उन्हें झूठे और मिथ्या प्रचार से बचना चाहिए।लोग सब जानते है कि सच क्या है और झूठ क्या।
राठौर ने मुख्यमंत्री के कांग्रेस पर दिए गए बयान पर पलटबार करते हुए कहा कि उन्हें अपने कुनबे भाजपा की चिंता करनी चाहिए न कि कांग्रेस की।प्रदेश में भाजपा के भीतर क्या चल रहा है,किसी से छुपा नही है।
राठौर ने कहा कि सरकार जनहित के मुद्दों को नजरअंदाज नहीं कर सकती।कांग्रेस मजबूती से लोंगो के साथ खड़ी है और उनकी लड़ाई लड़ेगी।उन्होंने कहा कि देश मे कोरोना माहमारी के चलते लॉक डाउन के दौरान प्रदेश के लोगों की सुरक्षित घर वापसी की मांग कांग्रेस ने ही उठाई थी। उन्होंने कहा कि सीमाओं पर अगर कोविड 19 के सुरक्षा मानकों का सही ढंग से पालन किया होता तो आज प्रदेश पूरी तरह कोरोना मुक्त होता।उनका कहना था कि सरकार ने जिन लोगों को संस्थागत क्वारन्टीन करना था,उन्हें होम क्वारन्टीन कर दिया।इसपर भी कोई नज़र नही रखी गई।
राठौर ने फिर दोहराया कि कांग्रेस प्रदेश में टूरिज़म और अन्य व्यवसायिक गतिविधियों को शुरू करने के विरुद्ध नही है,पर इसके लिए अभी सीमाओं पर कोविड 19 की जांच के लिए आधारभूत ढांचे की बहुत आवश्यकता है।उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में बगैर किसी कोविड जांच के फर्जी तरीके से जिस प्रकार पर्यटक आ रहें है वह बहुत ही चिन्ता का विषय है।
राठौर ने सरकार से मांग की कि इस मुद्दे पर विधानसभा का एक विशेष सत्र बुलाया जाना चाहिए और सभी नेताओं से चर्चा के बाद कोई अंतिम निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि जबकि भाजपा विधायकों ने भी विशेष सत्र की मांग की थी,इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
राठौर ने कहा कि मुख्यमंत्री को केंद्र के किसी भी तुगलकी फरमान से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि सोशल डिस्टेसिंग पर प्रदेश सरकार का दोहरा मापदंड है। उनका कहना है कि भाजपा जब अपनी बैठके करती है तो इसका कोई पालन नही होता और जब कांग्रेस करें तो नियम तोड़ने का आरोप लगता है। उन्होंने पूछा की क्या सोशल डिस्टेसिंग सड़को पर ही लागू होती है,आज बसों में इसकी डिस्टेसिंग कहां गई।उन्होंने रोष स्वरूप कहा कि सबसे पहले इस नियम को तोड़ने के लिए मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री पर ही पुलिस एफआईआर दर्ज होनी चाहिए।

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