मां SHOOLINI मंदिर को आवश्यक प्रशिक्षण के बाद मिला भोग प्रमाण पत्र

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DNN सोलन ब्यूरो (आदित्य सोफत)

सोलन की अधिष्ठात्री देवी मां शूलिनी मंदिर को भारतीय खाद्य संरक्षा व मानक प्राधिकरण ने भोग बनाने का सर्टिफिकेट जारी कर दिया है। भोग सर्टिफिकेट के जारी होने वाला यह सोलन का दूसरा मन्दिर है, जबकि हिमाचल प्रदेश का तीसरा मंदिर है। इससे पहले एशिया के सबसे ऊंचा शिव मंदिर को यह लाइसेंस जारी किया गया है। भारतीय खाद्य संरक्षा व मानक प्राधिकरण ने यह सर्टिफिकेट पूरी तरह से ऑडिट करने व ट्रेनिंग के बाद हाल ही में जारी किया है। सर्टिफिकेट के जारी होने के पश्चात लोगों को मां शूलिनी मंदिर में लाइसेंसी भोग मिलेगा।
बता दे कि एफएसएसएआई ने सोलन के दो बड़े मंदिर जिसमे मां शूलिनी मंदिर व जटोली मंदिर को आनंदपूर्ण स्‍वच्‍छ चढ़ावा (भोग) योजना के तहत रखा गया था। इस दौरान विभाग द्वारा मंदिर में बनने वाले भोग व भंडारे को बनाने से लेकर वितरण तक के बारे में ट्रेनिंग करवाई गई थी। ट्रेनिंग के पश्चात विभाग मंदिर में प्रसाद व बनने वाले भंडारे आदि का प्री-ऑडिट करवाया था। इसके पश्चात जनवरी माह में जटोली मन्दिर व फरवरी माह में मां शूलिनी मन्दिर का फाइनल ऑडिट करवाया था। इस दौरान दोनों मन्दिरों का प्रसाद व अन्य सामग्री की खाद्य सुरक्षा व गुणवत्ता को परखा गया और यह सब चीजें अलग-अलग पैमानों पर खरी उतरती है। इसके बाद एफएसएसएआई ने जटोली मंदिर को फरवरी माह में ओर अब मां शूलिनी मन्दिर को भोग सर्टिफिकेट जारी किया है।

सैंकड़ो लोग ग्रहण करते है भोग
उल्लेखनीय हो कि सोलन की अष्ठात्री देवी मां शूलिनी के मंदिर व जटोली मंदिर में आए दिए भंडारे व प्रसाद वितरण किया जाता है। इस प्रसाद को सैंकड़ो लोग ग्रहण करते है। वितरण किए गए भंडारे व प्रसाद में कोई कमी न रहे इसके लिए ट्रेनिंग मंदिरों में भोग बनाने की प्रक्रिया बताई गई है। विभाग द्वारा इस ट्रेनिंग के माध्यम खाद्य वस्तुएं किस प्रकार से तैयार करनी है और किस डिग्री के तापमान में रखनी है के बारे में बताया जा रहा है। साथ ही इस दौरान स्वच्छता के लिए कई प्रकार के टिप्स भी दिए गए है। ट्रेनिंग के माध्यम से बताया जाएगा कि फूड को बनाते समय हाथों में ग्लब्स का प्रयोग, भोजन को ढक कर रखना, साफ-सुथरी सब्जियां बनाना व स्वच्छता रखने बारे बताया गया है।

अब तक हिमाचल में तीन मन्दिरों को जारी हुआ सर्टिफिकेट
हिमाचल प्रदेश के तीन मन्दिरों को ही अभी तक एफएसएसएआई द्वारा भोग सर्टिफिकेट जारी किया है। इनमे सबसे पहला मन्दिन सोलन जिला का शिव मंदिर जटोली है जबकि दूसरे स्थान पर संकट मोचन मन्दिर शिमला व तीसरा सर्टिफिकेट सोलन के मां शूलिनी मन्दिर को जारी किया गया है।

क्या कहते है जिला खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त

जिला खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त एलडी ठाकुर ने बताया कि सोलन की अधिष्ठात्री देवी मां शूलिनी मंदिर को भोग का सर्टिफिकेट एफएसएसएआई द्वारा जारी किया गया है। इससे पहले शिव मंदिर जाटोली को यह सर्टिफिकेट जारी किया गया था। हिमाचल में अभी तक तीन मंदिरों को भोग के तहत सर्टिफिकेट जारी किए गए हैं।

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