DNN धर्मशाला
शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में बच्चों को संस्कारयुक्त शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है। शिक्षा प्रणाली में गुणात्मक सुधार किया जा रहा है। सरकार स्कूलों में शिक्षा पाठयक्रम में नैतिक शिक्षा को सम्मिलित करने की दिशा में प्र्यासरत है। भारद्वाज ने शनिवार को धर्मशाला में हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए यह बात कही।
उन्होंने कहा कि यह आवश्यक है कि युवा पीढ़ी संस्कारवान बने। उन्हें बड़े-बजुर्गों के प्रति आदर का भाव हो ओर उनके प्रति अपने कर्तव्य का भान रहे। यह सब अच्छी शिक्षा से ही संभव है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड पूरे देश में अपना विशेष स्थान रखता है तथा इसकी रैंकिंग को बनाये रखने के लिए तथा इस स्तर को और बेहतर बनाने के लिए प्रदेश सरकार प्रयासरत है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में नकल की बीमारी को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से समस्त परीक्षा केन्द्रों में सीसीटीवी कैमरा एवं उनके संचालन की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। इस संदर्भ में समस्त सरकारी तथा गैर शिक्षण संस्थानों, जहां परीक्षा केन्द्र स्थापित किये जाते हैं, को दिशा-निर्देश जारी किये जा चुके हैं। इसके साथ-साथ अधिक से अधिक उड़नदस्तों की तैनाती भी सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह भी निर्देश दिये गये हैं कि इन दस्तों में शामिल शिक्षकों एवं अन्य अधिकारियों को उनके उपमंडल से अन्यत्र तैनात किया जाये तथा परीक्षा केन्द्रों में तैनात अधिकारी व कर्मचारियों को भी उनके अपने संस्थान से अन्य स्थान पर तैनात किया जाये।
भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश शिक्षा बोर्ड बच्चों को निःशुल्क दी जाने वाली पुस्तकों को प्रदान करने में पूरे देश में रोल मॉडल बना हुआ है तथा इस प्रणाली को और बेहतर बनाया जा रहा है। बच्चों को नये शैक्षणिक सत्र से पूर्व पुस्तकों एवं अन्य पाठय समाग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का यह भी प्रयास है कि प्रदेश में गैर सरकारी संस्थान द्वारा शिक्षा संस्थान चलाने के संदर्भ में इस प्रकार की संस्था को पूर्ण सहयोग दिया जाये ताकि प्रदेश वासियों को घरद्वार के समीप बेहतर शिक्षा संस्थान उपलब्ध हो सकें। उन्होंने शिक्षा बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिये कि वह शिक्षा बोर्ड के स्तर को इस स्तर तक उन्नत करें कि प्रदेशवासी अपने बच्चों को सीबीएसई की अपेक्षा हिमाचल शिक्षा बोर्ड में शिक्षा दिलवाने को प्राथमिकता दें।















