DNN मंडी
ऊहल नदी से मंडी शहर के लिए निर्माणाधीन पेयजल योजना का निर्माण कार्य अंतिम चरणों में है और इसकी आपूर्ति पाईपें बिछाने के लिए सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग आजकल शहर में विभिन्न स्थानों पर कार्य कर रहा है। इस कार्य की प्रगति एवं शहर की सड़कों के रखरखाव की समीक्षा के लिए एक बैठक का आयोजन आज यहां उपायुक्त ऋग्वेद ठाकुर की अध्यक्षता में किया गया।
ऋग्वेद ठाकुर ने कहा कि मंडी शहर में पेयजल आपूर्ति योजना का कार्य तथा सड़कों के रखरखाव के कार्य को एक व्यवस्थित ढंग से तथा दोनों विभागों के बेहतर समन्वय के साथ पूरा करने के उद्देश्य से यह बैठक आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि मंडी शहर को निर्बाध पेयजल आपूर्ति के लिए प्रदेश सरकार की ओर से लगभग 82 करोड़ रुपए की यह महत्वाकांक्षी योजना तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद क्षेत्र में इस योजना की पेयजल आपूर्ति पाईंपे सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा बिछाई जा रही हैं। अधिकांश वार्डों में यह कार्य पूर्ण कर लिया गया है और चैहट्टा व टारना सीढ़ियों के समीप चैंबर इत्यादि निर्मित करने का कार्य प्रगति पर है। इसके उपरांत आपूर्ति लाईन की टेस्टिंग का कार्य विभाग की ओर से किया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की लीकेज इत्यादि की संभावना को समाप्त किया जा सके। टेस्टिंग का यह कार्य इस वर्ष दिसंबर माह के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है और योजना आगामी वर्ष की प्रथम तिमाही में पूर्ण रूप से तैयार कर ली जाएगी।
उन्होंने कहा कि शहर की सड़कों के रखरखाव के लिए भी प्रदेश सरकार की ओर से लगभग तीन करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। लोक निर्माण विभाग की ओर से यह कार्य पूर्ण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दोनों विभागों के आपसी समन्वय व तालमेल से ही यह कार्य चरणबद्ध ढंग से किए जाएंगे ताकि विकास के लिए प्रदत्त राशि का सदुपयोग किया जा सके। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग सड़कों की टारिंग का कार्य पेयजल आपूर्ति पाईप लाईन की टेस्टिंग पूरी होने के उपरांत ही प्रारंभ करेगा ताकि सड़कों की बार-बार होने वाली खोदाई से बचा जा सके और इसकी मुरम्मत पर होने वाले व्यय को भी कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि मौसम की अनुकूलता के अनुसार टारिंग का यह कार्य भी आपूर्ति लाईनों की टेस्टिंग के तुरंत पश्चात शुरू किया जाएगा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग से आग्रह किया कि शहर की सड़कों में यदि कहीं छिटपुट मुरम्मत इत्यादि की आवश्यकता हो तो पैच वर्क के माध्यम से इसे दुरूस्त किया जाए।















