DNN मनाली
एक मकान गिरा, एक क्षतिग्रस्त, खाली करवाया मकान, ग्रामीणों में ख़ौफ़ का माहौल
मनाली उपमंडल के सोलंग गांव भारी बर्फबारी के बाद अब भूस्खलन की जद में आ गया है। भूस्खलन की जद में एक घर आ गया है जो गिर गया है जबकि दूसरा क्षतिग्रस्त हो गया है जिसे खाली करना पड़ा है। गांव में 5 फीट के लगभग बर्फ पड़ी हुई है। भूस्खलन से दो जगह तीन फीट दरार पड़ गई है। जिससे गांव खतरे की चपेट में आ गया है। रात को ग्रामीण नोख राम का घर गिर गया है । हालांकि इस घर मे कोई नही रहता था। घर मे घास व लकड़ी रखी थी जिस कारण कोई जानी नुकसान नही हुआ है। दूसरी ओर ग्रामीण गोकुल चन्द का घर खाली करवाया गया है। दोनों लोगो को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। गौर हो कि यह काठ कुणी शैली से बना वही गांव है जहाँ 2008 में आग लगने से 38 परिवार सड़क में आ गए थे। रात को मकान गिरने की घटना के बाद ग्रामीणों में ख़ौफ़ का माहौल है। परेशान ग्रामीण सरकार से भी खफ़ा है। इस गांव में पिछले चार सालों से भुस्खलन हो रहा है लेकिन सरकार इसका कोई स्थाई समाधान नही कर पाया है। ग्रामीण गोकल चन्द, नोख राम और रुप लाल ठाकुर ने बताया कि उनके गांव को भूस्खलन से खतरा बढ़ गया है। इन ग्रामीणों ने बताया कि वे रात की कई दिनों से सो नही पा रहे है। हर समय भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। उन्होंने बताया कि वे कोई बार प्रदेश सरकार के ध्यान में इन गम्भीर समस्या को रख चुके जा लेकिन कोई समाधान नही हो पाया है। पलचान पंचायत के प्रधान सुंदर ठाकुर ने बताया कि ग्रामीणों को समस्या को सरकार के ध्यान में लाया गया है।
एसडीएम मनाली अश्वनी कुमार ने कहा कि रेवन्यू टीम सोलग गांव का दौरा कर लौट आई है। टीम ने नुकसान की रिपोर्ट दे दी है। रिपोर्ट के अनुसार दो घरो को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि अभी गाँव मे बर्फ के ढेर लगे है। कुछ दिन बाद फिर से गांव का दौरा किया जाएगा और भूस्खलन की समस्या से निपटने के हर सम्भव प्रयास किये जाएंगे। सालो से चली आ रही इस गम्भीर समस्या का स्थाई समाधान किया जाएगा। प्रशासन ग्रामीणों की यथासम्भव मदद करेगा।















