DNN नालागढ़
भारतीय किसान यूनियन के आहवान पर नालागढ़ किसान यूनियन ने एसडीएम नालागढ़ के माध्यम से एक लिखित ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति को भेजा। ज्ञापन के माध्यम से किसान यूनियन ने काले कृषि कानूनों को जल्द से जल्द रद्द करने की गुहार लगाई। किसान यूनियन नालागढ़ की तरफ से प्रीतपाल सिंह राणा की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपने के बाद कहा कि 6 महीनों से देश के किसान काले कानूनों का विरोध कर रहे हैं। आजादी के बाद देश के इतिहास में किसी कानून के विरोध में सबसे बड़ा और सबसे लंबा संषर्घ किसानों द्वारा दिल्ली में किया गया। किसान यूनियन के प्रीतपाल सिंह राणा ने कहा कि देश में आज तक जितनी भी सरकारें आईं कभी इतना अडिय़ल रवैया सरकारों का नहीं रहा। सैंकड़ों किसानों ने राजधानी के वार्डर पर शहादत दी, देश के लाखों किसान दिल्ली के वार्डरों से अंदोलन करके वापिस लौटे। कृषि कानूनों के विरोध में देश में चलने वाला यह सबसे लंबा अंदोलन जहां इतिहास में याद रखा जाएगी वहीं सरकार का अडिय़ल रवैया भी एक काली और बेशर्म सरकार के रूप में याद किया जाएगा।
प्रीतपाल सिंह राणा ने बताया कि किसान यूनियनों के आहवान पर देश भर में महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर काले कानूनों को रद्द करने की मांग उठाई गई है। अगर सरकार इन काले कृषि कानूनों को रद्द नहीं करती तो किसान फिर दिल्ली की ओर कूच करने से गुरज नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि देश के अन्नदाता के सब्र का बांध अब टूट चूका है और इस टूटे हुए सब्र से जो आग निकलेगी वह केंद्र की सरकार को निस्तोनाबूद कर देगी। इस मौके पर प्रीतपाल सिंह राणा के साथ सर्वजीत सिंह, जसप्रीत सिंह, नसीम अख्तर व सोनू खान समेत अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।















