भाजपा शासित राज्यों में ‘मोहब्बत की दुकान’, हिमाचल के बेरोजगार युवाओं के लिए राहुल गांधी की मोहब्बत कहां गई : डॉ. राजीव बिंदल

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एक लाख सरकारी नौकरियां, पांच लाख रोजगार और ‘खटाखट मॉडल’ का क्या हुआ; कांग्रेस सरकारें भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी : बिंदल
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शिमला, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि राहुल गांधी देशभर में जगह-जगह जाकर अपनी तथाकथित ‘मोहब्बत की दुकान’ चलाते हैं और विशेष रूप से भाजपा शासित राज्यों में इसे लेकर राजनीतिक नाटक करते हैं, लेकिन हिमाचल प्रदेश में अपनी ही कांग्रेस सरकार के दौरान बेरोजगार युवाओं के साथ हो रहे अन्याय और उनकी उम्मीदों के टूटने पर उनकी यह मोहब्बत समाप्त हो जाती है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के बड़े नेताओं ने हिमाचल के युवाओं से बड़े-बड़े वादे किए थे। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित कांग्रेस नेतृत्व ने एक लाख सरकारी नौकरियां देने, पहली कैबिनेट से रोजगार की दिशा में कदम उठाने और पांच लाख रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने की बात कही थी। युवाओं को स्थायी और सुरक्षित रोजगार के सपने दिखाए गए, लेकिन सत्ता में आने के बाद कांग्रेस सरकार अपने वादों से पीछे हट गई।
उन्होंने कहा, “हिमाचल का बेरोजगार युवा आज राहुल गांधी से पूछ रहा है कि जब आपकी अपनी पार्टी की सरकार हमारे साथ वादाखिलाफी कर रही है, तब आपकी ‘मोहब्बत की दुकान’ कहां है? क्या आपकी मोहब्बत केवल भाजपा शासित राज्यों के लिए है और कांग्रेस शासित हिमाचल के युवाओं के लिए उसके दरवाजे बंद हो जाते हैं?”
डॉ. बिंदल ने कहा कि हिमाचल के युवाओं को रोजगार के नाम पर केवल इंतजार मिला है। कांग्रेस ने चुनाव से पहले जो सपने दिखाए थे, आज वही युवा उन वादों का हिसाब मांग रहा है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि एक लाख सरकारी नौकरियों के वादे का क्या हुआ और पांच लाख रोजगार देने की घोषणा आज कहां खड़ी है।
उन्होंने राहुल गांधी के चुनावी प्रचार में इस्तेमाल किए गए ‘खटाखट’ शब्द पर भी निशाना साधते हुए कहा, “राहुल जी, आपका ‘खटाखट मॉडल’ हिमाचल पहुंचते-पहुंचते कहां गायब हो गया? महिलाओं, गरीबों और आम परिवारों को आर्थिक राहत के बड़े-बड़े सपने दिखाए गए थे। आज हिमाचल की जनता उन वादों और गारंटियों का हिसाब मांग रही है।”
डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार की प्राथमिकता युवाओं को रोजगार और जनता को राहत देने के बजाय अपने राजनीतिक हित साधना बन गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकारों पर भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर लगातार गंभीर सवाल उठ रहे हैं। कर्नाटक में कांग्रेस सरकार से जुड़े मामलों को लेकर सवाल उठ रहे हैं और हिमाचल प्रदेश में भी भाजपा लगातार विभिन्न सरकारी निर्णयों, ठेकों, खनन और सार्वजनिक संसाधनों से जुड़े विषयों पर पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपनी सरकारों के कामकाज पर उठ रहे सवालों का जवाब देना चाहिए। भ्रष्टाचार के किसी भी आरोप की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
डॉ. बिंदल ने कहा, “राहुल गांधी जी, हिमाचल आइए और यहां के बेरोजगार युवाओं से मिलिए। उनसे पूछिए कि कांग्रेस की गारंटियों का क्या हुआ। उन महिलाओं से पूछिए जिन्हें आर्थिक सहायता के सपने दिखाए गए। जनता को भाषण नहीं, अपने अधिकार और कांग्रेस द्वारा किए गए वादों का हिसाब चाहिए।” उन्होंने कहा कि “‘मोहब्बत की दुकान’ की नौटंकी को हिमाचल और देश की जनता समझ चुकी है। मोहब्बत केवल भाषणों में नहीं, बल्कि युवाओं को रोजगार देने, महिलाओं से किए वादे निभाने, गरीबों को राहत देने और शासन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में दिखाई देनी चाहिए। राहुल गांधी पहले हिमाचल में अपनी कांग्रेस सरकार की गारंटियों का हिसाब दें, फिर देश को मोहब्बत का पाठ पढ़ाएं।”

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