बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’’ अभियान के तहत जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आयोजित

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DNN धर्मशाला

03 दिसम्बर। अतिरिक्त उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि जिला स्तर पर ‘‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’’ अभियान को मिशन मोड पर चलाया गया है। उन्होंने लिंगानुपात में सुधार लाने और 0 से 6 वर्ष तक की शिशु मृत्युदर में कमी लाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी की सक्रिय भागीदारी तथा समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
एडीसी राहुल कुमार आज वीरवार को डीआरडीए के सभागार में ‘‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ,’’ ‘‘पोषण अभियान’’ ‘‘प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना’’ तथा ‘‘सशक्त महिला योजना’’ के कार्यान्वयन के संदर्भ में आयोजित जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
एडीसी ने कहा कि बेटे और बेटियों के बीच भेदभाव की मानसिकता में सकारात्मक बदलाव लाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जिला स्तर में लैंगिक असंतुलन को दूर करने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता से कार्य करने के साथ-साथ लड़कियों की शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों को लेकर भी जागरूकता पर बल दिया गया है।
एडीसी ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा ‘‘बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ’’ अभियान के तहत जिजीविषा कार्यक्रम आरंभ किया हैै। जिजीविषा अभियान के तहत मेधावी बेटियों को जिला प्रशासन की ओर से आईआईटी, जेईई और नीट प्रतियोगी परीक्षाओं के दो वर्ष की निशुल्क कोचिंग सुविधा प्रदान की जाएगी। इस के लिए 26 मेधावी छात्राओं का चयन किया गया है। यह सभी छात्राएं सरकारी शैक्षणिक संस्थानों से संबंधित हैं। जिसमें जमा एक की मेडिकल संकाय से 13 तथा नान मेडिकल संकाय 13 छात्राओं को सिलेक्ट किया गया है।
उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिला में लिंगानुपात में सुधार के लिए आरंभ किए गए जिजिविषा कार्यक्रम का सुचारू कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाए इसमें सभी पंचायतों में हमारे गांव की बेटी हमारी शान के तहत सराहनीय उपलब्धि हासिल करने वाली बेटियों के फ्लेक्स पंचायतों में स्थापित किए जाएं इसके साथ ही खंड स्तर पर बेहतरीन कार्य करने वाली बेटियों को ब्लाक एंबेसडर भी बनाया जाए ताकि समाज को प्रेरणा मिल सके। इसके अतिरिक्त उपायुक्त का परिवार, शुभ विवाह नया आंगन, जन भागीदारी, बेटियों की स्वास्थ्य जांच व आत्म रक्षा पर प्रशिक्षत कार्यक्रम इत्यादि पर भी कार्य किया जाए।
उन्होेंने कहा कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के अतंर्गत जिला में अच्छा कार्य किया जा रहा है। योजना के अन्तर्गत सरकार द्वारा गर्भवती और स्तनपान करवाने वाली माताओं को पहले बच्चे के जन्म पर 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि कुपोषणता, महिलाओं की सुरक्षा एवं बच्चों के सम्पूर्ण विकास पर हम सभी मिलकर काम करें तथा पोषण माह के अन्तर्गत पंचायत स्तर पर ‘‘पोषण पंचायत’’, ‘‘किचन गार्डन’’ जैसी गतिविधियों को अपनाकर समाज के उत्थान में सभी विभाग मिलकर अपना-अपना सहयोग सुनिश्चित करें।इस दौरान बेटी है अनमोल योजना, मदर टेरेसा असहाय मातृ सम्बल योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
एडीसी ने उपस्थित सदस्यों को एनीमिया और पोषण की स्थिति में ब्लॉक तथा आंगनबाड़ी स्तर तक सुधार करने के साथ-साथ सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के लक्ष्य प्राप्ति हेतू नई उर्जा के साथ कार्य करने के सुझाव प्रदान किये।
जिला कार्यक्रम अधिकारी रणजीत सिंह ने ‘‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’’ योजना को जिला भर में बढ़ावा देने हेतू किये जा रहे प्रयासों एवं जिला प्रशासन के सहयोग से इस योजना को जन-जन तक पहंुचाने हेतू भविष्य में अपनाई जाने वाली विभिन्न गतिविधियों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की।
इस अवसर पर परियोजना अधिकारी डीआरडीए सोनू गोयल सहित, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा सभी सीडीपीओ उपस्थित थे।

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