बेटी पैदा होने पर पत्नी को छोड़ा अस्पताल

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DNN बद्दी
मेरा क्या कसूर है अगर मैं पैदा हुई तो? मैं कुदरत की देन हूं और ये संसार ये सृष्टि मेरे द्वारा ही चल रही है। कोई कहता है मैं अनमोल हूं कोई कहता है मैं शक्ति का प्रतीक हूं। बड़ी बड़ी बातें की जाती हैं कानून बनाए जाते हैं। सरकारें चीख चीख कर मुझे बचाने के दावे करती हैं लेकिन जब मुझ पर आंच आती है तो न कानून, न न्याय और न ही सरकारें कहीं दिखती हैं। 7 साल से इस इंतजार में हूं कि मुझे भी बाप का नाम मिलेगा, प्यार मिलेगा? मां की पथराई आंखे आज भी इंसाफ की राह ताकती हैं लेकिन इतना समय बीत गया सब तमाशा देखते रहे बचाने या इंसाफ दिलाने आगे कोई नहीं आया।
ये दर्दनाक दांस्ता उस पढ़ी लिखी सफीना उर्फ शालू की है जिसने परिवार के कहने पर बिलासपुर जिला के इकबाल से शादी की। बिटिया फांऊडेशन की प्रदेशाध्यक्ष सीमा सांखयान ने बताया कि इकबाल ने सिर्फ इस लिए सफीना को छोड़ दिया कि उसने एक बेटी को जन्म दिया। सफीना ने अपनी आप बीती बिटिया फाऊंडेशन को बताई और कहा कि शादी के बाद से ही उसके सुसराली उससे परेशान करने लग गए कि उन्हें बेटा चाहिए। जिस दिन उसने बेटी को जन्म दिया उसी दिन उसका पति व ससुराल वाले उसे अस्पताल छोड़कर भाग गए।

उसने अपने मां बाप को अस्पताल बुलाया और घर पहुंची। कुछ दिन बाद उसका पति व सास रात को नालागढ़ आए और यहां से कमरा खाली करके जाने लगे जिस पर उसने उन्हें रोका और पति व सास ने कहा कि सुबह बात करते हैं। इस घटना से तीन दिन पहले इसका पति घर आया और इससे मारपीट करने के बाद इसका मोबाईल और सिम कार्ड भी तोड़ दिया। सफीना ने बताया कि जब वो अपने पति के घर बिलासपुर गई तो परिवार वालों ने अंदर नहीं आने दिया और वो दिन रात बाहर बेटी को गोद में लेकर धक्के खाती रही। सफीना ने बताया कि उसके पति ने दूसरी शादी कर ली और एक बेटा भी है। 7 साल से वो अपनी बेटी को जैसे तैसे करके पाल पोस रही है और गुजारा कर रही है। बिटिया फाऊंडेशन की अध्यक्ष सीमा सांकयान ने बताया कि संस्था जल्द एसपी बिलासपुर से मिलेगी और सफीना को इंसाफ की मांग उठाएगी। बीटिया फाऊंडेशन सफीना को इंसाफ दिलाने के लिए आखिर तक लड़ेगी। सीमा सांकयान ने कहा कि आज प्रदेश में घरेलू हिंसा, दहेड़ उत्पीडऩ, बेटियां पैदा होने पर महिलाओं से अत्याचार, महिलाओं के शोषण व बलात्कार जैसे मामले में लगातार बढ़ौतरी हो रही है। सफीना जैसी कई महिलाएं ऐसी हैं जिन्हें इंसाफ दिलाने को कोई आगे नहीं आता। उन्होंने कहा कि संस्था सफीना और उसकी बच्ची को इसका हक और इंसाफ दोनों दिलाएगी।

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