DNN सोलन
हर वर्ष जून महीने में माँ शूलिनी अपनी बहन से मिलने के लिए अपने मंदिर से गंज बाजार दुर्गा मंदिर जाती है और इसी के साथ सोलन शहर में शूलिनी मेला शुरू होता है।
कोरोना के चलते गत वर्ष पारंपरिक औपचारिकताएं पूरा करने के लिए ही मेला आयोजित किया गया था। इस वर्ष भी मां शूलिनी पिछले वर्ष की तरह अपने मंदिर से अपनी बड़ी बहन से मिलने के लिए एक गंज बाजार स्थित मंदिर जाएगी। इसके लिए प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं। कोरोना के चलते शुक्रवार को सुबह 10 बजे से लेकर 3 बजे तक पूरे क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही व पैदल चलने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया है। केवल उन्हीं लोगों को इस क्षेत्र में प्रवेश करने की इजाजत होगी जिनकी मां शूलिनी को उनकी बहन तक पहुंचाने की कार्य में ड्यूटी लगी है।
ज़िला प्रशासन के अनुसार 25 जून, 2021 को प्रातः 10 बजे से सांय 03.00 बजे तक लोक निर्माण विभाग विश्रााम गृह, सोलन से पुराना उपायुक्त कार्यालय सोलन तक, पुराना उपायुक्त कार्यालय सोलन से कोटलानाला चैक से शिल्ली मार्ग पर जौणाजी मार्ग सम्पर्क बिन्दु तक तथा लोअर बाजार, गंज बाजार, लक्कड़ बाजार, सर्कलुर रोड़, अप्पर बाजार से ओल्ड कोर्ट रोड तक वाहनों तथा लोगों की आवाजाही पर पूर्ण रोक रहेगी।
इस अवधि में क्षेेत्रीय अस्पताल सोलन के समीप स्थित दवा की दुकानें खुली रह सकेंगी।
यह प्रतिबन्ध रोगी वाहन, अग्निशमन वाहन, कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के निए प्रयुक्त वाहन तथा मां शूलिनी मेला की परम्परा निभाने के लिए नियुक्त व्यक्तियों पर लागू नहीं होंगे। माता शूलिनी के अपनी बहन के घर पहुंचने के साथ ही सोलन शहर के ठोडो मैदान में 3 दिन तक झूले सांस्कृतिक कार्यक्रम सहित अन्य गतिविधियों के माध्यम से सभी लोग मेले का आनंद लेते थे, लेकिन कोरोना के चलते यह सभी गतिविधियां पूरी तरह से बंद हैं और इस बार भी किसी प्रकार का कोई आयोजन नहीं होगा। मात्र मेले की परंपरा को निभाने के लिए मां शूलिनी ही अपनी बहन से मिलने के लिए निकलेंगे और रविवार को वापस लौट जाएंगी।